पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,पाकुड़।बीते दिनों बकरीद के पर्व में हमेशा से शांत रहे पाकुड़ जिले में घटना से दाग लग गई। पथराव से लेकर गोली बम भी जमकर चला,लेकिन जिले के पुलिस कप्तान के सूझबूझ से माहौल को पहले जैसा बना लिया गया,लेकिन फिर से पिछले महीने के 29 जून को सब कुछ शांत होने के कारण कैंप कर रहे पुलिस बल को हटा लिया गया था,जिसके बाद फिर 30 तारीख को ग्रामीणों के अनुसार सुबह एक घर में आग लगा दिया गया था,जिसके बाद फिर 30 तारीख से पुलिस अब तक कैंप कर रही है।ग्रामीणों में भय का अब भी माहौल है,जिसके कारण शुक्रवार को गोपीनाथपुर गांव से सैंकड़ों की संख्या में महिला और पुरूष आवेदन लेकर जिले के उपायुक्त और एसपी के पास पहुंचे तथा आवेदन कार्यालय में जमा किए।
इस मामले में ग्रामीणों ने पत्रकारों को बताया कि स्थाई पुलिस पिकेट बनाना अति आवश्यक है और जब तक स्थाई पुलिस पिकेट नहीं बनती है तब तक कम से कम पुलिस बल को रखा जाए,क्योंकि कभी-कभी नदी के उस पार से जो बंगाल पड़ता है गाली गलौज और धमकियां दिया जाता रहता है तथा पत्थर भी कभी-कभी फेका जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि 2 दिन पहले बंगाल से कुछ लोग गांव में आकर गाली गलौज धमकी दे रहे थे।इसके उपरांत कैंप कर रहे हैं पुलिस के द्वारा उनको पकड़ कर मुफस्सिल थाना लेकर चला गया। ग्रामीणों की माने तो उक्त जगह पर अभी भी वह लोग भय में रहते है तथा सभी अपने आप को असुरक्षित महसूस करते है।इसलिए कोई अप्रिय घटना भविष्य में न हो इसको लेकर सभी ग्रामीणों ने जिले के उपयुक्त और आला अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर अपनी कई मांगों को रखा।





