ग्वालियर।

मध्यप्रदेश में किसानों को खेती के लिए समय पर आर्थिक मदद और कृषि सुविधाएं देने में प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थाएं (पैक्स) मील का पत्थर साबित हो रही हैं। ग्वालियर जिले में सहकारिता विभाग की पहल से किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ आधुनिक कृषि और बैंकिंग सेवाएं दी जा रही हैं।

आर्थिक सहायता और ऋण वितरण की स्थिति

वर्तमान खरीफ सीजन में 1 अप्रैल से 21 अगस्त तक जिले के किसानों को बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता दी गई है:

  • ऋण वितरण: 2,944 किसानों को कुल 17.51 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित किया गया।
  • सफल वसूली: सहकारी ऋणों की रिकवरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले ने अकालातीत ऋणों की 95% वसूली दर्ज की।
  • फसल सुरक्षा: पैक्स से ऋण लेने वाले सभी किसानों का खरीफ फसल बीमा सुनिश्चित किया गया है।

सदस्यता महाअभियान और केसीसी (KCC)

विभाग के विशेष सदस्यता अभियान के तहत जिले में सहकारिता का दायरा तेजी से बढ़ा है:

  • नए सदस्य: 3,195 नए किसानों को पैक्स संस्थाओं से जोड़ा गया।
  • नए केसीसी: 920 किसानों को नए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जारी किए गए, जिससे उनके लिए संस्थागत ऋण पाना आसान हो गया है।

खाद वितरण और डिजिटल पारदर्शिता

कृषि कार्यों के लिए आवश्यक खाद का सुचारू वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। 18,130 किसानों को लगभग 6,800 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त, उपार्जन और खाद प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए पैक्स संस्थाओं में डिजिटल प्रक्रियाओं का रियल-टाइम संचालन और निगरानी की जा रही है।

आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं

सहकारी बैंकों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। किसानों और आम नागरिकों को सावधि जमा (FD) पर 7.50% तक ब्याज दिया जा रहा है। साथ ही एटीएम कार्ड, व्यक्तिगत ऋण (Personal Loan) और गृह ऋण (Home Loan) जैसी सुविधाएं भी सहकारी बैंकिंग के जरिए उपलब्ध कराई जा रही हैं।