प्रतिनिधि,चतरा। रविवार की देर रात सर्वाधिक उग्रवाद प्रभावित कुंदा थाना क्षेत्र में चतरा पुलिस व सीआरपीएफ तथा कोबरा बटालियन के जवानों के साथ प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी के सैक सदस्य गौतम पासवान, रीजनल कमांडर नवीन यादव व दस लाख के इनामी जोनल कमांडर मनोहर गंझू उर्फ किसमिस उर्फ दिनेश उर्फ रमेश के दस्ते के साथ मुठभेड़ हो गयी। पुलिस को भारी पड़़ता देख उग्रवादी जंगल का लाभ उठाकर भागने में सफल रहे।पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से बड़ी मात्रा ने दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद किया है। इस मुठभेड़ में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के सैक सदस्य गौतम पासवान, रिजनल कमाण्डर नवीन यादव एवं दस लाख के इनामी जोनल कमाण्डर मनोहर गंझू के द्वारा किसी बड़ी घटना को अंजाम देने हेतु 20-25 की संख्या में कुन्दा एवं लावालींग थाना के जंगली क्षेत्र में एकत्रित है। इस सूचना का सत्यापन हेतु एक टीम का गठन किया गया। टीम मे चतरा पुलिस, कोबरा 203 सीआरपीएफ 190 / 22 बटालियन को शामिल किया गया था। उक्त अभियान दल अभियान के क्रम में जैसे ही ग्राम मरगढ़ा के जंगली क्षेत्रों में पहुंची तो अचानक पुलिस को अपनी और आता देख नक्सलियों के द्वारा पुलिस पार्टी को लक्षित कर फायरिंग की जाने लगी। पुलिस बल द्वारा जवाबी कार्रवाई करते हुए नियंत्रित फायरिंग की गई। उसके उपरांत भाकपा माओवादी उग्रवादी जंगल का लाभ उठाकर भाग निकले।उग्रवादियों द्वारा फायरिंग की जाने वाली दिशा में चेकिंग एवं तलाशी किया गया, जिसमें माओवादी कैम्प को सुरक्षाबलों के द्वारा नष्ट किया गया। कैम्प से पुलिस ने बड़ी मात्रा में कई सामान बरामद किये। बरामद सामानों में स्लीपिंग बैग-6 पीस,तिरपाल 10 पीस, भारी मात्रा में इंजेक्शन व दवाइयां सिरिंज तथा पिट्ठू बैग,रेडियो व दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद किया गया।समाचार लिखे जाने तक मुठभेड़ के बाद पुलिस का अभियान जारी था।
आपको बताते चलें कि भाकपा माओवादी के जोनल कामण्डर मनोहर गंझू उर्फ रमेश उर्फ किसमिस उर्फ दिनेश गंझू (10 लाख इनामी) के दस्ता के साथ 18 सितंबर 2022 को मुठभेड़ हुई थी, जिसमें सीआरपीएफ के एक जवान शहीद हुये थे। चतरा पुलिस के द्वारा चलाये जा रहे लगातार अभियान एवं आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर 29 नवंबर 2022 को भाकपा माओवादी संगठन के मनोहर गंझू दस्ता के एरिया कमाण्डर कमलेश यादव के द्वारा चतरा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया तथा भाकपा माओवादी संगठन के कई नक्सलियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
झारखण्ड पुलिस ने भाकपा माओवादी एवं टीपीसी संगठन से अपील करते हुए कहा है कि नक्सलियों का समय खत्म हो चुका है ये किसी न किसी दिन पुलिस की गोली का शिकार होगे। इससे पूर्व यह आवश्यक है कि में झारखण्ड पुलिस के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति नई दिशा का लाभ लेकर मुख्य धारा से जुड़े अन्यथा कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहे। साथ ही जिस तरह से इनामी नक्सली गौतम पासवान एवं सहदेव यादव एवं अन्य नक्सलियों के घरों की कुर्की की गयी है, उसी तरह शेष वांछित फिरार नक्सलियों के विरुद्ध कुकी की कार्रवाई की जायेगी।
छापामारी दल में संतोष कुमार, सहायक समादेष्टा 203 कोबरा,श्री शिरल निखिल सहायक समादेष्टा 203 कोबरा,चौधरी कलीम उल्ला सहायक समादेष्टा 190 बटालियन सीआरपीएफ,दुर्गेश कुमार, सहायक समादेष्टा 22 बटालियन सीआरपीएफ, अवनित रोहित साव लावालौग थाना,पुलिस निरीक्षक नि० निवाई चन्द्र साहा, प्रतापपुर थाना,पुलिस नि0 शशिकांत साहू, सिमरिया थाना शामिल थे।





