पूर्वांचल सूर्य ब्यूरो,चतरा।लोकसभा चुनाव में चतरा जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त द्वारा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम- 1951 की धारा 26 के तहत विभिन्न कोटि के मतदान पदाधिकारी के रूप में नियुक्त किए गए थे और उनके द्वारा लोकसभा चुनाव के कार्यों में लापरवाही बरता गया,जिसमें कुल 9 शिक्षक एवं सहायक अध्यापक शामिल है। उनके ऊपर चतरा सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज किया गया है,जिसमें आबिद हुसैन सहायक अध्यापक उत्क्रमित मध्य विद्यालय उर्दू डाटम हंटरगंज (तृतीय मतदान पदाधिकारी), गिरिजा भुइयां सहायक अध्यापक उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय सतरामपुर हंटरगंज (तृतीय मतदान पदाधिकारी), किसुन कुमार यादव सहायक अध्यापक एनपीएस बकायन हंटरगंज (तृतीय मतदान पदाधिकारी),बहादुर राम सहायक अध्यापक उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय रामचकतारी प्रतापपुर (द्वितीय मतदान पदाधिकारी),संजय कुमार पीजीटी एसएस प्लस टू हाई स्कूल टण्डवा (पीठासीन पदाधिकारी),विनोद प्रजाप्रति सहायक अध्यापक उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय धवईया सिमरिया (द्वितीय मतदान पदाधिकारी),सत्यम सहायक अध्यापक उत्क्रमित हाईस्कूल द्वारी, गिद्धौर (पीठासीन पदाधिकारी) दिलीप कुमार गुप्ता, सहायक अध्यापक उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय चोरबोरा सिमरिया (तृतीय मतदान पदाधिकारी) और मनोरंजन महाजन सहायक अध्यापक उत्क्रमित मध्य विद्यालय बानासांड़ी सिमरिया (द्वितीय मतदान पदाधिकारी का नाम शामिल है।





जिला शिक्षा पदाधिकारी दिनेश कुमार ने कहा कि चतरा लोकसभा आम चुनाव 2024 के सफल संचालन के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त चतरा द्वारा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 26 के तहत निम्नलिखित कर्मियों को विभिन्न कोटि के मतदान पदाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था।उपरोक्त कर्मी के द्वारा चतरा कॉलेज चतरा में डिस्पैच के समय अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 26 एवं IPC की धारा 187 एवं 188 का उल्लंघन किया गया है। इन्होंने बिना किसी कारण के अनुपस्थित रहकर चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कार्य को बाधित किया है। पार्टी मिलान के दिन इनके अनुपस्थित पाये जाने के कारण पार्टी मिलान करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है एवं उनका यह कृत्य निर्वाचन कार्य को बाधित करना, इनके कार्य के प्रति लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता एवं उच्चाधिकारी के आदेश की अवहेलना करने को परिलक्षित करता है। लापरवाह शिक्षक, सहायक अध्यापक कर्मियों के विरूद्ध जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 134, की धारा 187, 188 एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई है।