छत्तीसगढ़ में बिजली व्यवस्था के निजीकरण के मुद्दे पर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य सरकार की स्थिति स्पष्ट कर दी है। कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बिजली का निजीकरण करने की सरकार की कोई योजना या मंशा नहीं है।

निजीकरण के आरोपों पर मुख्यमंत्री का स्पष्टीकरण:

  • आरोपों को बताया तथ्यहीन: रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस जनता के बीच भ्रम और गलतफहमी फैलाने के लिए दुष्प्रचार कर रही है।
  • रूटीन प्रक्रिया पर स्पष्टता: उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस जनसुनवाई को निजीकरण की तैयारी से जोड़कर पेश किया जा रहा है, वह एक सामान्य प्रशासनिक और नियमित (रूटीन) प्रक्रिया है।
  • जनता से अपील: CM साय ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे विपक्षी दल के ऐसे भ्रामक दावों से बिल्कुल प्रभावित न हों। (उल्लेखनीय है कि कांग्रेस का आरोप था कि सरकार निजी कंपनियों को बिजली आपूर्ति का ठेका सौंपने की तैयारी में है।)

'मन की बात' कार्यक्रम और अन्य प्रमुख बिंदु:

  • सशक्त भारत का निर्माण: मुख्यमंत्री ने रायपुर स्थित निरंजन धर्मशाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी का श्रवण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के कार्यकाल में देश समृद्ध और सशक्त भारत बनने की ओर अग्रसर है।
  • अंतरिक्ष शिक्षा पर जोर: राज्य के स्कूलों में बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान (Space Education) का ज्ञान देने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि प्रदेश की युवा पीढ़ी वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित कर सके।
  • नशामुक्त भारत का संकल्प: 'नशामुक्त युवा, विकसित भारत' के लक्ष्य को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।