पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,चौपारण(हजारीबाग)। वन्य क्षेत्र में जल स्रोतों के सूख जाने का प्रभाव वन्य जीवों पर अभी से ही पड़ने लगा है।पानी के तलाश में वन्य जीव ग्रामीण क्षेत्र का रुख कर रहे हैं।ताजा मामला चौपारण प्रखंड का है,पानी की तलाश में जंगल से भटककर एक हिरण महुदी-जोकट गांव में पहुंच गया,जिससे गांव में हलचल मच गई।ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए हिरण को सुरक्षित रखा और अविलंब इसकी सूचना प्रादेशिक वन विभाग को दी।
ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हिरण को अपने संरक्षण में लिया। बाद में उसे हजारीबाग नेशनल पार्क के घने जंगलों में सुरक्षित छोड़ दिया गया।ग्रामीणों की इस सतर्कता और जिम्मेदारी से वन्यजीव संरक्षण का बेहतरीन उदाहरण पेश किया गया। ग्रामीणों द्वारा हिरण के प्रति आदर्श गए इस भाव से यह पता चलता है कि वन्यजीवों के सुरक्षा के प्रति ग्रामीण काफी संवेदनशील हैं।
वन विभाग ने ग्रामीणों के इस सहयोग की सराहना करते हुए अपील की कि यदि कोई वन्यजीव भटककर गांव में आ जाए, तो घबराने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दें। ताकि उसे सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास में वापस भेजा जा सके।





