श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के सभी छंदों को गाने की अनिवार्यता को लेकर जारी सियासी घमासान अब और तेज हो गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मुद्दे पर अपनी ही सहयोगी पार्टी कांग्रेस की सलाह को सिरे से खारिज करते हुए तीखा पलटवार किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राष्ट्रीय गीत से जुड़ा कानून पूरे देश पर लागू होता है और सरकारी प्रोटोकॉल का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
'हम कानून से बंधे हैं, क्या कांग्रेस हमें जेल भेजना चाहती है?'
गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राष्ट्रीय गीत को लेकर एक स्पष्ट कानून और प्रोटोकॉल तय किया गया है, जो किसी एक राज्य के लिए नहीं बल्कि पूरे भारत के लिए है। सरकारी कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' के सभी पद गाना अनिवार्य है।
कांग्रेस पर तंज कसते हुए उमर अब्दुल्ला ने सवाल दागा, "क्या हमारी सहयोगी पार्टी कांग्रेस चाहती है कि हम इस मुद्दे पर कानून का उल्लंघन करें और कश्मीरियों को जेल भेज दिया जाए?"
सीएम ने नेशनल कॉन्फ्रेंस का रुख स्पष्ट करते हुए आगे कहा:
"एक राजनीतिक दल के रूप में हमने कभी 'वंदे मातरम' को नहीं अपनाया है और न ही भविष्य में अपनाएंगे, लेकिन जहां तक सरकारी प्रोटोकॉल और कानूनी जरूरतों का सवाल है, उनका पालन करना हमारी संवैधानिक मजबूरी है।"
केसी वेणुगोपाल की सलाह से भड़का विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत 8 सितंबर को हुई, जब कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट के जरिए नेशनल कॉन्फ्रेंस को केवल शुरुआती दो छंद गाने की सलाह दी थी। वेणुगोपाल ने तर्क दिया था कि 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण भारत के स्वतंत्रता संग्राम की समावेशी और अनेकतावादी सोच से मेल नहीं खाता। उन्होंने 1937 में कांग्रेस द्वारा अपनाए गए दो छंदों वाले संस्करण का सम्मान करने का आग्रह किया था।
श्रीनगर फिल्म फेस्टिवल से शुरू हुआ था घटनाक्रम
यह पूरा घटनाक्रम श्रीनगर में आयोजित 'इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल' के उद्घाटन समारोह के बाद सामने आया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला 'वंदे मातरम' के सभी छह पदों के गायन के दौरान सम्मान में खड़े रहे थे। अब्दुल्ला परिवार के इस कदम के बाद 'इंडी' (INDIA) गठबंधन के भीतर की अंदरूनी कलह और वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।





