कोलकाता: पश्चिम बंगाल के शैक्षणिक और बुनियादी ढांचागत गलियारों में कथित भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर हलचल तेज हो गई है। एक तरफ जादवपुर विश्वविद्यालय (JU) में पुरानी नियुक्तियों में भारी धांधली के आरोप में सीबीआई (CBI) जांच की मांग उठी है, वहीं दूसरी तरफ कलकत्ता हाईकोर्ट ने कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में पनपे दर्जनों अवैध निर्माणों की जांच का जिम्मा केंद्रीय एजेंसी को सौंप दिया है।

जादवपुर यूनिवर्सिटी: स्वजनपक्षपात और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप

शिक्षकों के प्रमुख संगठन 'अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ' (ABRSM) ने जादवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति को एक पत्र सौंपकर पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस शासनकाल में हुई नियुक्तियों में व्यापक गड़बड़ी का दावा किया है।

  • नियुक्तियों में धांधली: महासंघ ने डिप्टी रजिस्ट्रार समेत कई अहम प्रशासनिक व शैक्षणिक पदों पर भाई-भतीजावाद, वित्तीय अनियमितता और प्रभाव के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • योग्यता और आचार संहिता की अनदेखी: पत्र में कहा गया है कि उम्मीदवारों की योग्यता और अनुभव का उचित सत्यापन नहीं किया गया। इसके अलावा, एफईटी (FET) सचिव पद के लिए आदर्श आचार संहिता लागू रहने के बावजूद साक्षात्कार आयोजित करने पर सवाल उठाए गए हैं।
  • कानूनी संदर्भ: यह मांग ऐसे समय सामने आई है जब हाल ही में बंगाल विधानसभा में 'पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय और महाविद्यालय प्रशासन और विनियमन संशोधन विधेयक, 2026' पेश किया गया है।

अवैध निर्माणों पर कलकत्ता हाईकोर्ट का कड़ा रुख

कोलकाता शहर में धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माणों से जुड़ी एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कड़ा संज्ञान लिया है।

  • CBI जांच के निर्देश: मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विट्ठलराव और न्यायमूर्ति तपब्रत चक्रवर्ती की खंडपीठ ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को कोलकाता के 42 अवैध निर्माणों की प्रारंभिक जांच करने का आदेश दिया है।
  • नगर निगम पर सवाल: अदालत ने नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि जब नगर निगम की अपनी रिपोर्ट में इन 42 निर्माणों को अवैध माना गया था और मालिकाना हक भी स्पष्ट नहीं था, तो निगम ने खुद स्वत: संज्ञान लेकर इन्हें ध्वस्त क्यों नहीं किया।
  • रिपोर्ट जमा करने की तिथि: हाईकोर्ट ने सीबीआई को नगर निगम व पुलिस से उपलब्ध दस्तावेज एकत्र कर 14 अक्टूबर तक अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करने को कहा है, जिस दिन इस मामले की अगली सुनवाई होगी।