नई दिल्ली:
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ जारी घमासान के बीच कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के उत्तर प्रदेश दौरे टलने को लेकर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को अब जनता के बीच जाने से डर लग रहा है और वे अपने तय कार्यक्रमों से मुंह छिपा रहे हैं।
"क्या हाल बना रखा है अपना और देश का"
पवन खेड़ा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मेरठ (25 सितंबर) और वाराणसी (28 सितंबर) में प्रस्तावित कार्यक्रमों के अचानक स्थगित होने पर तंज कसते हुए कहा:
"अब तो गुप्ता जी अपने प्रोग्राम में भी नहीं जाना चाहते हैं... गुप्ता जी क्या हाल अपना बना कर रखा है और देश का भी। मुख्य चुनाव आयुक्त को मुंह छिपाने की जरूरत क्यों पड़ रही है, जो कार्यक्रम कैंसिल करते घूम रहे हैं?"
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'VIP वोटर' और 'वोट चोरी' का गंभीर आरोप
पवन खेड़ा ने कहा कि संविधान बनाते समय बाबा साहेब आंबेडकर ने सुनिश्चित किया था कि देश में चाहे कोई रिक्शा चलाने वाला हो या फिर अडानी-अंबानी जैसा अमीर व्यक्ति, सभी के वोट का अधिकार समान होगा। लेकिन वर्तमान में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली आम नागरिकों और वीआईपी के बीच भेदभाव कर रही है।
कांग्रेस नेता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:
- वीआईपी वोटर श्रेणी: BLO ऐप में एक नई 'VIP वोटर' श्रेणी जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- त्वरित सुनवाई का अंतर: उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की समस्या का निवारण 2 मिनट में कर दिया जाता है, जबकि आम नागरिक को घंटों लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है। उन्होंने तंज कसा— "VIP दर्शन तो सुने थे, लेकिन VIP वोटर पहली बार देख रहे हैं।"
- गुप्त मिशन का खुलासा: उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछले 3 सालों से तथ्यों के साथ बता रहे हैं कि 'वोट चोरी' कैसे हो रही है। ज्ञानेश कुमार का आम लोगों को वोट देने के अधिकार से दूर रखने का "गुप्त मिशन" अब देश के सामने उजागर हो चुका है।
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CEC के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग, देशभर में मार्च
कांग्रेस पार्टी लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़ी हुई है। दिल्ली, लखनऊ, पटना, हैदराबाद, गुवाहाटी और कोलकाता समेत देश के कई बड़े शहरों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग के दफ्तरों का घेराव किया।
राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग की गई, जहां पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
चुनाव आयोग की सफाई: प्राकृतिक कारणों व व्यवस्था के चलते टले कार्यक्रम
मेरठ और वाराणसी में प्रस्तावित Electoral Literacy Club (ELC) कॉन्फ्रेंस टलने को लेकर उठे विवाद पर चुनाव आयोग (ECI) ने भी अपनी सफाई जारी की है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि:
- दोनों कार्यक्रमों को स्थगित करने का निर्णय 21 सितंबर को ही ले लिया गया था।
- कॉन्फ्रेंस को स्थगित करने या तारीखें बदलने का फैसला वेन्यू की उपलब्धता, वरिष्ठ अधिकारियों के व्यस्त कार्यक्रमों और प्राकृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया प्रशासनिक निर्णय है। इसका वर्तमान राजनीतिक विवादों से कोई संबंध नहीं है।





