मुंबई/नई दिल्ली:

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए एक विवादित बयान दिया है। एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए राउत ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपने पद से हटना पड़ेगा और उन्हें जेल जाना होगा।

राउत का यह बयान उस मीडिया रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयोग के दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) और वोटर लिस्ट से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों पर 10 महीनों के भीतर 14 बार गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई थीं।

"ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे, उनके आका देश छोड़कर भागेंगे"

संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा, "ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे! उन्हें जाना ही होगा! उनके आका देश छोड़कर भाग जाएंगे!"

नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए राउत ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया।

राउत ने कहा:

  • अमित शाह पर निशाना: "यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में देश के लोकतंत्र को बचाने की जरा भी इच्छा बची है, तो उन्हें तुरंत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कैबिनेट से बर्खास्त कर देना चाहिए।"
  • कार्रवाई की मांग: "ज्ञानेश कुमार को CEC पद से हटाया जाना चाहिए और उन पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर पीएम मोदी कार्रवाई नहीं करते, तो मैं महामहिम राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील करता हूं।"
  • सेना प्रमुख से अपील: "अगर राष्ट्रपति भी इस पर संज्ञान नहीं लेती हैं, तो देश और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सेना प्रमुख (Army Chief) को आगे आना चाहिए।"

10 महीनों में 14 बार आपत्तियां: चुनाव आयोग में बगावत का दावा

राज्यसभा सांसद ने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो अन्य सदस्यों— सुखबीर संधू और विवेक जोशी— ने ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाई है।

  • एसआईआर और फॉर्म 6 पर विवाद: रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) और फॉर्म 6 से जुड़ी गड़बड़ियों पर 14 बार लिखित विरोध दर्ज कराया था।
  • कैबिनेट सचिव से शिकायत: राउत ने आरोप लगाया कि इन आपत्तियों और शिकायतों को कैबिनेट सचिव तक भी पहुंचाया गया था, लेकिन गृह मंत्रालय के दबाव में इसे दबा दिया गया।
  • देशद्रोह का आरोप: संजय राउत ने कहा, "ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता और विश्वसनीयता को पूरी तरह खत्म कर दिया है। उन्होंने यह आपराधिक साजिश और देशद्रोह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कहने पर किया है।"

चुनाव नतीजों में धांधली का लगाया आरोप

राउत ने दावा किया कि चुनाव आयोग के भीतर हुई इस कथित बेईमानी की वजह से ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विभिन्न राज्यों में चुनाव जीते। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल, बिहार और महाराष्ट्र में बीजेपी की जीत के पीछे यही आपराधिक साजिश थी।

तथ्य जांच (Fact Check):
उल्लेखनीय है कि नवंबर 2024 में जब महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव आयोजित किए गए थे, तब ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के पद पर तैनात नहीं थे।

"संधू और जोशी के आभारी हैं देशवासी"

समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) से बात करते हुए संजय राउत ने दोनों चुनाव आयुक्तों की तारीफ की और कहा कि देश उनका आभारी रहेगा।

राउत ने कहा:

"सुखबीर संधू और विवेक जोशी ने ज्ञानेश कुमार और गृह मंत्रालय का असली चेहरा देश के सामने लाकर खड़ा कर दिया है। 10 महीनों में 14 आपत्तियां उठाई गईं, मामला अमित शाह तक गया, लेकिन इसे दबा दिया गया ताकि बेईमानी से चुनाव जीते जा सकें।"

राउत ने अंत में मांग की कि देश की सर्वोच्च न्यायपालिका (Judiciary) को इस मीडिया रिपोर्ट और चुनाव आयोग के अंदरूनी मामलों का तुरंत स्वत: संज्ञान (Suo Motu) लेना चाहिए।