जमशेदपुर। कारोबारी रवि अग्रवाल की पत्नी ज्योति अग्रवाल की हत्याकांड के बाद ज्योति के पिता प्रेमचंद अग्रवाल सोमवार को मीडिया के सामने आए। उन्होंने इस घटना का त्वरित खुलासा करने के लिए सरायकेला-खरसावां की पुलिस को दिया। साथ ही सहयोग के लिए स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, मारवाड़ी समाज तथा सिंहभूम चैंबर को धन्यवाद दिया। प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि वे हत्या का राज खुलने तक रवि अग्रवाल को अपने बेटे जैसा मानते थे। उन्हें अब भी हत्या का सही कारण नहीं पता है। लेकिन कुछ बिंदुओं पर अनुसंधान की जरूरत है, जो हत्या का कारण हो सकते हैं। इसमें अवैध संबंध भी एक कारण हो सकता है। कहा कि ज्योति के ससुराल में काम करने वाली तीन महिलाएं काम करती है। संभवतः उनमें में से किसी से रवि का अवैध संबंध भी हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि 2009 में बेटी की शादी रवि अग्रवाल के साथ हुई थी। शादी के कुछ सालों बाद पति-पत्नी के बीच विवाद शुरु हो गया। हालांकि बीते 2-3 सालों से विवाद बढ़ता चला गया। इस बीच रवि ने डॉ मनोज साहू से इलाज शुरु किया। रवि द्वारा ज्योति को दवाई दी जाती थी पर वह ज्योति को क्या दवाई दे रहा था इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। ज्योति को दवाई देने के बाद जबरदस्ती शराब पिलाई जाती थी। इसके अलावा कफ सिरप की भी हेवी डोज दी जाती थी। प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि वे लोग चाहते थे कि रवि और ज्योति एक साथ रहे इसलिए कभी भी तलाक के लिए दबाव नहीं दिया। हमेशा दोनों पक्ष के बीच समझौता हुआ पर अंत में साजिश के तहत रवि ने ज्योति की हत्या करवा दी। ज्योति के दोनों बच्चों को वे अपने साथ रखना चाहते है। इसके लिए जो भी कानुनी प्रक्रिया है वह पूरी करेंगे। इधर, ज्योति के परिजनों ने कहा कि रवि के पिता ने एक नो ब्लेम लेटर पर साइन करने को कहा था जिसपर लिखा है कि अगर ज्योति आत्महत्या करती है तो मायके पक्ष द्वारा ससुराल पक्ष के किसी पर भी केस नहीं किया जाएगा। उन्होंने उस पर साइन नहीं किया। इसके अलावा परिजनों ने कहा कि अब तक उन्हें यह नहीं पता चला है कि आखिर रवि ने हत्या क्यों की। पुलिस का कहना है कि रवि दोनों के बीच हो रहे झगड़े से तंग आ गया था जिस कारण हत्या की गई।