झारखंड में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार का मामला लोकसभा में सांसद मनीष जायसवाल ने उठाया





सरस्वती पूजा विसर्जन के हमला के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो:मनीष जायसवाल





पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,हज़ारीबाग।लोकसभा में जारी बजट सत्र- 2025 के दौरान मंगलवार को लोकसभा में हजारीबाग से भाजपा सांसद मनीष जायसवाल ने हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र समेत पूरे झारखंड में लगातार हो रहे हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाओं को विस्तार से सदन पटल पर पुरजोर तरीके से रखा और इस ओर केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।





सांसद मनीष जायसवाल ने सदन पटल पर अपनी बात रखते हुए कहा कि झारखंड में हो रहे हिंदुओं के अत्याचार के प्रति केंद्र सरकार का ध्यान दर्शाने के लिए मैं खड़ा हुआ हूं। अभी हाल ही में बीते सरस्वती पूजा के दौरान हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के रामगढ़ जिले के सोसोकला गांव में महिलाएं और बच्चे जुलूस लेकर विसर्जन करने के लिए जा रहे थे तभी बच्चों पर पथराव किया गया,जिससे एक बेटी बहुत गंभीर रूप से घायल है।इस मामले में केस तो हुआ,लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई बल्कि उल्टा काउंटर केस पुलिस के तरफ से हिंदू समाज पर ही कर दिया गया।इसी प्रकार साल 2022 में सरस्वती पूजा के दौरान हजारीबाग जिले के बरही के रूपेश पांडेय की हत्या कर दी है और हजारीबाग जिले के ही बड़कागांव के महुदी गांव में आजादी के बाद से एक सड़क विशेष पर रामनवमी का जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी जा रही है एक समुदाय विशेष द्वारा रोका जाता रहा है।यह भारत गणराज्य का सड़क है और हर सड़क पर हर व्यक्ति को आने-जाने की अनुमति है।





सांसद मनीष जायसवाल से लोकसभा अध्यक्ष ने पूछा कि आपका डिमांड क्या है तो उन्होंने स्पष्टता के साथ कहा कि मैं आपसे आग्रह करूंगा कि केंद्र सरकार ऐसे मामले पर हस्तक्षेप करें और हिंदुओं पर झारखंड में हो रहे अत्याचार पर कार्रवाई कराएं साथ ही महुदी में रामनवमी जुलूस को संपादित कराएं।सांसद मनीष जायसवाल ने बताया कि झारखंड सरकार लगातार अपने वोट बैंक को सुरक्षित कर रही है।





ज्ञात हो कि बीते रविवार को ही सांसद मनीष जायसवाल रामगढ़ के गोला प्रखंड स्थित ग्राम सोसोकला के सरस्वती पूजा के विसर्जन जुलूस में घायल पीड़ितों की सुध लेने पहुंचे थे।मनीष जायसवाल ने घटना की पूरी जानकारी ली और उपस्थित प्रखंड स्तर के पदाधिकारी को 15 दिन के अंदर दोषियों पर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर 15 दिनों के अंदर कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र जन‌‌आंदोलन को बाध्य होंगे।यहां से सीधे दिल्ली पहुंचे और लोकसभा के बजट सत्र के दौरान उन्होंने इस मामले को लोकसभा के सदन के माध्यम से राष्ट्रीय पटल पर रखते हुए केंद्र सरकार का इस ओर ध्यान भी आकृष्ट कराया।