रांची:
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ अभ्यर्थियों का विरोध-प्रदर्शन लगातार गहराता जा रहा है। पिछले 20 दिनों से जारी इस आंदोलन के तहत 10 अगस्त को सफल 'विधानसभा घेराव' के बाद भी बड़ी संख्या में छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे हुए हैं।
हालाँकि धरनास्थल पर छात्रों की उपस्थिति में मामूली कमी देखी गई है, लेकिन आंदोलनकारी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन को नई धार देने के लिए 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है। सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल न होने पर छात्रों ने आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दी है।
मुख्यमंत्री आवास बना किला, 100 से अधिक अतिरिक्त जवान तैनात
छात्रों की चेतावनी और जयपाल सिंह स्टेडियम में जुटती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस मुख्यालय पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास और आसपास के पूरे इलाके को सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया गया है:
- विशेष बैरिकेडिंग: सीएम आवास की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर मजबूत बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं।
- अतिरिक्त बल की तैनाती: सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए 100 से अधिक अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है।
- ड्रोन से निगरानी: संवेदनशील इलाकों, चौक-चौराहों और स्टेडियम के आसपास की गतिविधियों पर सादे लिबास में तैनात खुफिया पुलिस और ड्रोन कैमरों के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है।
सड़कों पर बदला ट्रैफिक रूट, कचहरी चौक पर लगा भीषण जाम
सुरक्षा कारणों से प्रशासन द्वारा अचानक किए गए ट्रैफिक डायवर्जन के कारण राजधानी रांची की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। मोरहाबादी से सूचना भवन जाने वाले मार्ग सहित कई प्रमुख रास्तों को डायवर्ट किया गया है।
इसके चलते कचहरी चौक और आसपास के इलाकों में सुबह से ही लंबा जाम लग गया, जिससे दफ्तर, स्कूल और कॉलेज जाने वाले आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शांति बनाए रखने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने आंदोलनरत छात्रों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखने तथा शहर की यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।





