प्रमुख संवाददाता
रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को सदन में नियोजन नीति पर सीएम के वक्तव्य की मांग करते हुए विपक्षी सदस्य वेल में आ गए।विपक्ष के हंगामे पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि देश की सर्वोच्च पंचायत में आदिवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक सभी की चर्चा होती है। लोकसभा आज के दिन ठप है। पहली बार ऐसा हो रहा है कि सत्ता पक्ष (भाजपा) ही लोकसभा की कार्यवाही को बाधित रखे हुए है। झारखंड में भी भाजपा वाले यही कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कल (मंगलवार को) सदन के अंदर मोबाइल फोन से जो वीडियोग्राफी हुई, उसकी जांच होकर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कथित रामभक्तों को कपड़े फाड़कर जताना पड़ रहा है कि हम रामभक्त हैं।कल ही तपोवन मंदिर के सौंदर्यीकरण का काम शुरू हुआ है। 20 वर्षों में भाजपा को यह ध्यान में नहीं आया। विपक्ष की ओर इशारा करते हुए सीएम ने कहा कि जिस तरीके से इन लोगों को देश में घेरा जा रहा है, उससे यह घबराए हुए हैं।
कपड़े फाड़ने, तरह तरह का रुप धारण करके सदन में आना, बेवजह सदन की कार्यवाही बाधित करना इनकी आदत बन गई है। इन्हें लगता है कि सवालों से घिर जाएंगे, इसलिए नौटंकी करते हैं। श्री सोरेन ने कहा कि स्थानीयता और नियोजन पर भी समय पर जवाब देंगे। इसके बाद फिर से विपक्षी विधायक वेल में आकर हंगामा करने लगे।





