झारखंड विधानसभा का बजट सत्र:विधायकों के वेतन वृद्धि पर विधानसभा अध्यक्ष के साथ बैठकर निर्णय लेगी सरकार : मुख्यमंत्री





भानु प्रताप शाही ने उठाया विधायकों के वेतन का मामला





प्रमुख संवाददाता





रांची। झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने विधायकों के वेतन वृद्धि का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि 2016 के बाद से विधायकों का वेतन नहीं बढ़ा है। इसलिए मुख्यमंत्री इस पर विचार करें। इसका समर्थन करते हुए झामुमो विधायक समीर मोहंती और कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया। इसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि वह इस बारे में सकारात्मक रूप से विचार करने का वादा करते हैं। सरकार उचित निर्णय लेगी।





मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों के वेतन वृद्धि सहित सभी परेशानियों पर विधानसभा अध्यक्ष के साथ मिलकर बैठक कर सरकार निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री ने पूर्व से चली आ रही विधायक कल्याण नियमावली पर चिंता जताई। उन्होंने विपक्ष और विधायकों को नसीहत देते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने ऐसे-ऐसे कारनामे किए हैं कि अगर हम बोल दें तो बहुत दिक्कत होगी। स्थिति यह है कि अफसर अगर इलाज करवाते हैं, तो राशि रीइंबर्स हो जाती है,लेकिन विधायकों को यह सुविधा नहीं मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह के इलाज में खर्च हुई राशि उनकी पेंशन से कट रही है। हमारी सरकार संवेदनशील है। जानमाल की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। विधायक से लेकर पुलिस, यहां तक कि कैदियों का इलाज भी बेहतर ढंग से कराती है। हमारी सरकार ने कई लोगों को एयर एंबुलेंस से बाहर भेजकर इलाज करवाया है। पूर्ववर्ती सरकार ने ऐसे -ऐसे काम किए हैं कि अपने ही पैर में कुल्हाड़ी मार लिया है। हम सभी चीजों को देख रहे हैं।





कोचे मुंडा ने विधानसभा में उठाया औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में शिक्षकों की कमी का मामला





रांची। तोरपा के भाजपा विधायक कोचे मुंडा ने शुक्रवार को विधानसभा में तारांकित प्रश्न के तहत खूंटी जिले में स्थित पुरुष औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में शिक्षकों की कमी का मामला उठाया। उन्होंने पूछा कि सरकार शिक्षकों की पदस्थापना के बारे में क्या कार्रवाई कर रही है।





विधायक ने कहा कि पुरुष औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खूंटी के इलेक्ट्रिक ट्रेड में सत्र 2021-23 में 17 और सत्र 22-24 में 18 छात्रों का नामांकन किया गया हैलेकिन संस्थान में शिक्षकों की पदस्थापना नहीं होने के कारण सैद्धांतिक एवं प्रौद्योगिक कक्षा नहीं हो पा रही है जबकि सत्र 2021-23 के लिए अंतिम वर्ष की परीक्षा का समय निकट आ चुका है और शैक्षणिक सत्र समाप्ति की ओर है।





इस पर श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने बताया कि खूंटी जिले में तीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हैं। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खूंटी, महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खूंटी और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्रा। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खूंटी के भवन में केंद्रीय विद्यालय संचालित था। उक्त विद्यालय द्वारा 21 दिसंबर, 2022 को भवन खाली कर विभाग को हंसकर किया गया है। महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्रा राज्य सरकार के अंतर्गत संचालित है।





मंत्री की ओर से बताया गया कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण अधिकारियों की नियुक्ति के लिए विभाग द्वारा प्रेषित अधियाचना के आलोक में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। मंत्री ने बताया कि रमेश हांसदा बनाम झारखंड सरकार एवं अन्य के मामले में झारखंड उच्च न्यायालय रांची से पारित न्यायादेश के आलोक में आयोग द्वारा विज्ञापन को रद्द कर दिया गया है।





उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में झारखंड औद्योगिक प्रशिक्षण सेवा संवर्ग अराजपत्रित पद पर नियुक्ति प्रणोती सेवा शर्त नियमावली 2021 में संशोधन किया जा रहा है। इसके बाद आयोग के माध्यम से आगे की कार्रवाई की जाएगी। मंत्री द्वारा बताया गया कि छात्रों को प्रशिक्षण के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान रांची से सप्ताह में तीन दिन सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण के लिए अनुदेशकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके अलावा ऑनलाइन प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की गई है।





झारखंड विधानसभा के मुख्य द्वार पर भाजपा का प्रदर्शन





रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण के 11वें दिन शुक्रवार को सदन के बाहर भाजपा विधायकों ने सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा। विधायकों ने आईएएस राजीव अरुण एक्का की बर्खास्तगी के लिए विधानसभा के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। भाजपा विधायक हेमंत सोरेन के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई से करने की मांग कर रहे थे। भाजपा विधायक अनंत ओझा ने कहा कि यह ऐसी सरकार है, जिसमें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सहित कई अन्य अधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि आईएएस राजीव अरुण एक्का को बर्खास्त करना होगा। इसके साथ विपक्ष हेमंत सरकार में हुए घोटाले की सीबीआई जांच की मांग करता है। दूसरी ओर देवघर में लखराज जमीन के हस्तांतरण और निबंधन की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर देवघर विधायक नारायण दास ने विधानसभा के मुख्य द्वार पर धरना दिया। उनका कहना था कि देवघर विधानसभा क्षेत्र के बाबा बैद्यनाथ मंदिर के आसपास समेत विभिन्न जगहों पर लेखराज प्रकृति वाली जमीन अवस्थित है। जमीन की प्रकृति पूर्व के राजा महाराजाओं के द्वारा अपने पुरोहितों के लिए दी जाती थी, जिसका पहले हस्तांतरण और निबंधन हुआ करता था लेकिन पिछले कुछ सालों से इस प्रकृति वाली जमीन का हस्तांतरण और निबंधन के साथ विभिन्न विहित प्रक्रियाओं को बंद कर दिया गया है। इसके विरोध में देवघर में आंदोलन जारी है और पिछले तीन दिनों से पंडा धर्मरक्षिणी सभा के महामंत्री आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं और नारायण दास उन्हीं के समर्थन पर यहां धरना दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस पर कोई निर्णय नहीं लेती है, तो वह पीआईएल करेंगे।





झारखंड विधानसभा में गूंजा शराब से राजस्व का मुद्दा





रांची। झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को शराब का मामला गूंजा। भाजपा विधायक बिरंची नारायण ने सरकार से पूछा कि शराब की बिक्री से 15 फरवरी, 2022 तक 1607 करोड़ राजस्व मिले हैं, जबकि 2022-23 में 2500 करोड़ राजस्व का लक्ष्य था। जब सरकार राज्य में छत्तीसगढ़ मॉडल पर नई उत्पाद नीति ला रही थी, उस समय आठ बिंदुओं पर राजस्व परिषद ने आपत्ति जताई थी। नवंबर, 2022 में राज्यपाल ने भी उत्पाद संशोधन बिल वापस कर दिया। सरकार बताए कि राज्य में हुए शराब घोटाले का किंगपिन कौन है। इसपर मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने जवाब देते हुए कहा कि सारी आपत्तियों को दूर कर के उत्पाद नीति लायी गई है। शराब घोटाला तथ्यहीन बात है। सरयू राय ने कहा,मंत्री बताएं कि सरकार ने राजस्व लक्ष्य घटाकर 2000 करोड़ कर दिया है। इसपर मंत्री ने कहा कि लक्ष्य नहीं घटाया गया है। लक्ष्य पूरा करने के लिए कंपनी पर पेनाल्टी लगाई जायेगी। विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि विधानसभा की कमेटी बनाकर जांच करवा लिया जाए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा कि घोटाला हुआ है या नहीं।





इरफान अंसारी ने उठाया 108 एंबुलेंस योजना का मुद्दा





कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने 108 एंबुलेंस योजना को लेकर सवाल उठाया। इरफान ने कहा कि इससे मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। सरकार 108 योजना को रद्द करके नई व्यवस्था शुरू करे। इसपर सरकार की ओर से जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि राज्य में 337 एंबुलेंस की सेवा 108 के माध्यम से दी जा रही है। एंबुलेंस जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों में भी भेजे जाते हैं। 2021-22 में 175 बाइक एंबुलेंस स्वीकृत हैं। उनका क्रय प्रक्रियाधीन है। सरकार के जवाब के बाद विधायक अमर बाउरी और भानु प्रताप शाही ने भी 108 एंबुलेंस की खामियों को उठाया। इसपर मंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी खामियों को दूर कर लिया जाएगा।





रिम्स के मुद्दे पर मंत्री और विधायक आमने-सामने





भाजपा विधायक राज सिन्हा ने सदन में रिम्स की बदहाली का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि रिम्स का सालाना बजट 400 करोड़ का है। तीन साल पहले वहां करोड़ों की लागत से 50 शवों की क्षमता वाला शव गृह बनाया गया लेकिन वहां फ्रीजर खराब होने के कारण कई शव सड़-गल कर खराब हो चुके हैं। इसपर मंत्री बन्ना गुप्ता ने जवाब देते हुए कहा कि यह सच नहीं है। समय-समय पर लावारिस शवों का अंतिम संस्कार नगर निगम और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर किया जाता है। अगर विधायक को भरोसा नहीं है तो वे कमिटी बना देते हैं। विधायक मुर्दाघर जाकर तसल्ली कर लें। इस दौरान विधायक सीपी सिंह ने कहा कि क्या ये सही है कि रिम्स डायरेक्टर ने मंत्री को वहां की अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इसपर बन्ना गुप्ता ने कहा कि सीपी सिंह बाल की खाल निकालने में चैंपियन हैं। सिर्फ भ्रामक बातें करते हैं। डायरेक्टर पद्मश्री हैं। वे ऐसी ओछी बातें नहीं कर सकते।





दो महीने में राज्यकर्मियों को मिलेगा कैशलेस बीमा का लाभ : मंत्री





माले विधायक बिनोद सिंह ने अल्पसूचित प्रश्न के तहत राज्य के कर्मचारियों, पदाधिकारियों और पेंशन भोगियों को कैशलेस बीमा का लाभ देने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में ही राज्य सरकार ने कैशलेस स्वास्थ्य बीमा का संकल्प जारी किया था लेकिन अबतक यह लागू नहीं हुआ है। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि सरकार राज्यकर्मियों के कैश लेस बीमा से लाभान्वित करने के लिए कृत संकल्पित है। पूर्व में संकल्प निकाल था, जिसमें कुछ संशोधन कर वित्त एवं कार्मिक विभाग को भेज गया है। उन्होंने कहा कि महीना, दो महीना में संकल्प जारी हो जायेगा। इसके साथ स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।