विशेष संवाददाता,रांची।झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन बुधवार को विपक्ष ने झारखंड के युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के विधायक हंगामा करने लगे। सदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जवाब से भी विपक्षी सदस्य असंतुष्ट दिखे।भाजपा विधायक वेल में पहुंचकर सत्ता पक्ष के विरोध में नारेबाजी करने लगे।सदन को सुव्यवस्थित ढंग से चलने देने के लिए स्पीकर बार-बार अनुरोध करते रहे,लेकिन स्पीकर का अनुरोध भी बेअसर रहा। इस बीच बमुश्किल विधायक अनंत कुमार ओझा और विधायक अंबा प्रसाद के अल्प सूचित प्रश्नों पर चर्चा हुई।इसके बाद भी हंगामा जारी रहता देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
इसके बाद भी एनडीए विधायक वेल में बैठे रहे।भोजनावकाश के बाद जैसे ही ध्यानाकर्षण की कार्यवाही शुरू हुई,विपक्ष के नेता अमर बाउरी ने कहा कि सीएम ने कहा है कि वे विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देंगे।उन्हें आज ही सभी सवालों का जवाब देना चाहिए,ताकि इस पर पूरी चर्चा हो सके।इसके बाद भाजपा विधायक बैनर लेकर वेल में आ गए,जिसमें जेएमएम द्वारा 2019 चुनाव के दौरान किए गए वादों का जिक्र था।
हंगामा बढ़ता देख स्पीकर ने कहा कि यह सीएम का विशेषाधिकार है। विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के रुख पर दुख जताते हुए कहा कि भारी मन से उन्हें सदन की कार्यवाही एक अगस्त को सुबह 11 बजे तक स्थगित करनी पड़ रही है। कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी आजसू विधायक लंबोदर महतो,सुनीता चौधरी सहित भाजपा के 17 विधायक सदन में मौजूद रहे।इस दौरान हेमंत सरकार के किए गए वादों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। एनडीए विधायकों ने कहा कि पांचवीं झारखंड विधानसभा का यह आखिरी सत्र है। इसका समापन दो अगस्त को होना है, लेकिन सीएम विपक्ष के सवालों से बचने की कोशिश कर रहे हैं।





