वॉशिंगटन / बीजिंग: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई बहुचर्चित शिखर वार्ता के बाद ताइवान को लेकर अमेरिका की रणनीति पर एक बार फिर वैश्विक कूटनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। चीन में अमेरिकी राजदूत डेविड परड्यू के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने शी चिनफिंग के साथ बैठक के दौरान ताइवान को हथियारों की संभावित बिक्री के संवेदनशील मुद्दे को हल्का करने का प्रयास किया और हल्के-फुल्के अंदाज में पूछ लिया कि क्या चीन खुद अमेरिका से हथियार खरीदना चाहेगा।

$14 अरब का ताइवान हथियार पैकेज अधर में

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ताइवान को मिलने वाले लगभग 14 बिलियन डॉलर के हथियार पैकेज को ट्रंप प्रशासन की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। इससे पहले मई में दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद इस सौदे को रोक दिया गया था। अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों दलों के सांसदों ने हथियारों की आपूर्ति में हो रही देरी पर गहरी चिंता जताई है। हालांकि, राजदूत परड्यू ने इन आरोपों को खारिज किया है कि अमेरिका चीन को नाराज होने से बचाने के लिए इस बिक्री को टाल रहा है।

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'सब कुछ ठीक चल रहा है'— ट्रंप की संतुलित प्रतिक्रिया

शिखर वार्ता के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने ताइवान तनाव को तूल न देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि शी चिनफिंग के साथ ताइवान पर बहुत विस्तृत चर्चा नहीं हुई और इस विषय पर स्थिति नियंत्रण में है।

गौरतलब है कि ट्रंप ताइवान को हथियारों की बिक्री को चीन के साथ आर्थिक और व्यापारिक मोलभाव (Negotiating Chip) के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, शी चिनफिंग ने अमेरिका से ताइवान प्रश्न को संवेदनशीलता से संभालने और ताइवान की स्वतंत्रता का कड़ा विरोध करने की मांग की है।

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ताइवान और अमेरिका की कूटनीतिक प्रतिबद्धता

ताइवान के उप विदेश मंत्री चेन मिंग-ची ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका, ताइवान पर चीन के बढ़ते सैन्य दबाव और उसकी रक्षा आवश्यकताओं को अच्छी तरह समझता है। अमेरिकी कानून के अनुसार, वॉशिंगटन ताइवान को उसकी आत्मरक्षा के साधन उपलब्ध कराने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। भले ही अमेरिका आधिकारिक तौर पर ताइवान को स्वतंत्र देश न मानता हो, लेकिन वह उसका सबसे बड़ा अनौपचारिक सुरक्षा साझेदार और हथियार आपूर्तिकर्ता है।