नई दिल्ली।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से तेलंगाना के कृषि मंत्री टी. नागेश्वर राव ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में शिष्टाचार मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य में कृषि विकास को गति देने, दलहन की सरकारी खरीद, ऑयल पाम की खेती के विस्तार और डिजिटल कृषि पहलों पर विस्तार से चर्चा हुई।
तेलंगाना की प्रमुख मांगें
बैठक के दौरान तेलंगाना के कृषि मंत्री ने राज्य के किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय केंद्र के सामने रखे:
- ऑयल पाम रिसर्च स्टेशन: राज्य में ऑयल पाम की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए एक समर्पित रिसर्च स्टेशन स्थापित करने का अनुरोध किया गया।
- ऑयल पाम के लिए MSP: ऑयल पाम की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने का विषय प्रमुखता से उठाया गया।
दलहन खरीद पर केंद्र का रुख
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र सरकार की नीतियों को स्पष्ट करते हुए कहा:
- 100% एमएसपी खरीद: भारत सरकार किसानों के हित में तुअर (अरहर), उड़द और मसूर की पूरी 100% उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है।
- PM-AASHA योजना: अन्य दलहन फसलों की 25% तक खरीद प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के तहत सुनिश्चित की जाती है।
केंद्रीय फंड और योजनाओं का क्रियान्वयन
शिवराज सिंह चौहान ने राज्य सरकार से 'दलहन मिशन' और 'ऑयलसीड मिशन' के क्रियान्वयन में तेजी लाने की अपील की। उन्होंने वित्तीय स्थिति की जानकारी देते हुए बताया:
- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना: इसके तहत तेलंगाना को 100% राशि पहले ही जारी की जा चुकी है।
- कृषोन्नति योजना (KY): राज्य को इस योजना के अंतर्गत ₹329 करोड़ जारी किए गए हैं।
साथी (SATHI) पोर्टल पर विशेष जोर
केंद्रीय मंत्री ने राज्य में SATHI Portal (Seed Traceability, Authentication and Holistic Inventory) के जल्द क्रियान्वयन पर बल दिया। यह पोर्टल बीज उत्पादन से लेकर किसानों तक वितरण तक की पूरी सप्लाई चेन को डिजिटल और स्वचालित बनाता है, जिससे गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता और ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित होती है।





