पूसू प्रतिनिधि,गिरिडीह।गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र का आगामी लोकसभा चुनाव अब दिलचस्प होने के आसार है।इस चुनाव में गिरिडीह लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत तीन दलों द्वारा अपने प्रत्याशियों की विधिवत घोषणा की जा चुकी है। हालांकि यह चुनाव देशभर में हो रहा है। लोकसभा चुनाव के साथ पांचवें चरण में 25 मई को यहां मतदान होना है,लेकिन गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत कुर्मी महतो समुदाय के तीन-तीन प्रत्याशियों के नाम सामने आने पर अब जातीय समीकरण की स्थिति बनने की संभावना क्षीण होती जा रही है। क्योंकि एक तो यह चुनाव देश में केंद्रीय सरकार के गठन को लेकर की जानी है। इस चुनाव से देश की सरकार तय होगी। पिछले 10 वर्षों से केंद्र की सत्ता से बेदखल कांग्रेस जहां महागठबंधन बनाकर अधिक से अधिक सीटों पर अपनी दावेदारी ठोकने में लगी है। वहीं अन्य क्षेत्रीय दल भी कांग्रेस के साथ इंडिया महागठबंधन में होने का दावा ठोक रहे हैं।





कयास लगाए जा रहे हैं कि कुर्मी महतो बहुल गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र में बात अगर जनसंख्या की करें तो ग्रामीण इलाके में मुस्लिम समुदाय की आबादी भी कम नहीं है। पिछले लोकसभा चुनाव में जहां विजयी रहे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्याशी आजसू से चंद्र प्रकाश चौधरी को लगभग साढ़े छह लाख मत प्राप्त हुए थे, तो वहीं झामुमो के कद्दावर नेता जगन्नाथ महतो ने भी अपना किस्मत 2019 के लोकसभा चुनाव में आजमाया था। जिसके परिणाम में वे करीब चार लाख मत लाकर दूसरे नंबर पर रहे थे।





इस लोकसभा क्षेत्र में जहां भाजपा ने सर्वप्रथम अपने सहयोगी दल आजसू के लिए यह सीट छोड़कर गठबंधन बनाए रखना की स्थिति स्पष्ट किया। वहीं आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने इस लोकसभा क्षेत्र के लिए चंद्र प्रकाश चौधरी पर ही भरोसा कर उनके टिकट की घोषणा की।दूसरी ओर महागठबंधन की ओर से झामुमो द्वारा धनबाद के टुंडी विधायक रहे मथुरा महतो के नाम की घोषणा कर दी गई,जो राज्य के भूमि सुधार और राजस्व मंत्री रह चुके हैं। साथ ही ये झामुमो के दमदार नेता माने जाते हैं। बात अगर तीसरे दल की करें तो राज्य में शिक्षित बेरोजगारों तथा स्थानीय समस्याओं को लेकर चर्चित रहे झारखंडी भाषा खतियानी संघर्ष समिति के युवा नेता जयराम महतो का नाम सामने आया है।उन्होंने पूर्व में ही गिरिडीह से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी थी।यहां मतदाताओं के लिए आश्चर्यजनक बात यह है कि गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र से अब तक घोषित तीनो प्रत्याशी कुर्मी महतो समुदाय के पक्षधर रहे हैं तथा इसी समुदाय से ही आते हैं,लेकिन वास्तविकता यह है कि इस लोकसभा क्षेत्र के लिए आम चुनाव में उतर रहे इन तीनों में से कोई भी गिरिडीह जिले से नहीं हैं। अब फैसला मतदाताओं का होगा कि इनमें से कोई या अन्य कोई इनके हितों के लिए जिम्मेवारी उठाने के लिए विजय का सेहरा पहनेंगे।