पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने तीन दिवसीय दिल्ली दौरे से पटना लौटते ही पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने उनके आवास पहुंचे। दोनों शीर्ष नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत बातचीत हुई। मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने बताया कि वे नीतीश कुमार को बधाई देने पहुंचे थे और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी पूर्व मुख्यमंत्री को बधाई संदेश प्रेषित किया है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने दिल्ली दौरे में केंद्रीय मंत्रियों से हुई बैठकों और बिहार के विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के प्रस्तावों की पूरी जानकारी साझा की।
गाद (Silt) नीति से मिलेगी बाढ़ से राहत, किसानों को भी फायदा
सम्राट चौधरी ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में नदियों से गाद निकालने की नीति (Siltation Policy) का मुद्दा लगातार उठाया था। अब राज्य सरकार उनके इस सपने को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है:
- 4 लाख घन मीटर गाद की निकासी: केंद्र सरकार के साथ विभिन्न नदियों से करीब चार लाख घन मीटर गाद निकालने को लेकर महत्वपूर्ण समझौता किया गया है।
- पथ परिवहन विभाग का सहयोग: पथ परिवहन मंत्रालय के साथ भी एक करार हुआ है। इससे बाढ़ प्रबंधन में आसानी होगी, नदियों के जलस्तर में सुधार आएगा और खेतों की उपजाऊ मिट्टी के कटाव को रोकने में मदद मिलेगी।
छठ महापर्व पर स्पेशल ट्रेनें और 'अयोध्या-सीतामढ़ी' डायरेक्ट ट्रेन का प्रस्ताव
रेल मंत्री के साथ हुई बैठक का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने छठ पर्व पर बिहार लौटने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी मांगों का उल्लेख किया:
- अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें: पिछले साल त्योहारों के दौरान 10 हजार से अधिक विशेष ट्रेनें चलाई गई थीं। इस बार सम्राट चौधरी ने रेल मंत्री से यात्रियों की भारी संख्या को देखते हुए इससे भी अधिक ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया है।
- अयोध्या से सीतामढ़ी रेल संपर्क: मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या को माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी से सीधे रेल मार्ग से जोड़ने के लिए डायरेक्ट ट्रेन चलाने का विशेष प्रस्ताव रखा है, जिससे देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को सहूलियत होगी।
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इंडस्ट्रियल कॉरिडोर: गया के बाद मुजफ्फरपुर और दरभंगा की बारी
राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को लेकर सम्राट चौधरी ने कई बड़ी योजनाओं की प्रगति बताई:
- नया औद्योगिक नेटवर्क: गया में 'इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर' (IMC) के तहत बन रहे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के साथ-साथ अब मुजफ्फरपुर और दरभंगा में भी नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को दिया गया है।
- निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर: बिहार में अब तक 1,000 से अधिक उद्योगों को भूमि आवंटित की जा चुकी है और राज्य का पहला अत्याधुनिक डाटा सेंटर (Data Center) भी बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है।
इको-टूरिज्म और पर्यावरण मंजूरी के लिए केंद्र से सहयोग
दिल्ली प्रवास के दौरान सम्राट चौधरी ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से भी मुलाकात की। उन्होंने बिहार के प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स के लिए जल्द से जल्द पर्यावरणीय स्वीकृतियां (Environmental Clearances) देने का आग्रह किया। इसके अलावा, राज्य में इको-टूरिज्म (Eco Tourism) को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय मदद मांगी गई है ताकि नए पर्यटन केंद्र विकसित हों और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बन सकें।
मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार केंद्र के पूर्ण सहयोग से बिहार को सुशासन, उद्योग, परिवहन और पर्यटन के क्षेत्र में नए शिखरों पर ले जाने के लिए पूरी निष्ठा से प्रयासरत है।
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