दुबई/भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दौरा राज्य के औद्योगिक और आर्थिक परिदृश्य के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हुआ है। दुबई प्रवास के दौरान आयोजित विभिन्न राउंडटेबल बैठकों और वन-टू-वन वार्ताओं के बाद मध्य प्रदेश को ₹53,000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही राज्य के औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) को direct foreign investment (FDI), रोजगार सृजन और नवाचार में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एआईएम इन्वेस्टमेंट अवॉर्ड्स 2026 में 'विजेता एशिया' (Winner Asia) के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया।

प्रमुख निवेश प्रस्ताव और योजनाएं

  • राणा होल्डिंग्स लिमिटेड (₹35,200 करोड़): ग्रीन हाइड्रोजन (200 MW), सौर ऊर्जा पोर्टफोलियो (2,000 MW), एआई डेटा सेंटर (50 MW) और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करने में रुचि जताई है।
  • एनआईडीआई सर्विसेज / एससीएनईएलएल (₹18,000 करोड़): औद्योगिक स्तर के 50 मेगावॉट क्षमता वाले एआई कंप्यूट कैंपस और 'सॉवरेन एआई फैक्ट्री' परियोजना के तहत निवेश का खाका प्रस्तुत किया, जिसे भविष्य में 100 MW तक बढ़ाया जा सकेगा।

वैश्विक दिग्गजों और चैंबर्स के साथ अहम बैठकें

  • एमार (Emaar) समूह: मुख्यमंत्री ने एमार के संस्थापक मोहम्मद अलाब्बार से मुलाकात कर इंदौर-पीथमपुर-उज्जैन डेवलपमेंट कॉरिडोर में एकीकृत टाउनशिप, हॉस्पिटैलिटी और शहरी विकास परियोजनाओं में निवेश का आमंत्रण दिया।
  • शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स: चेयरमैन अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस के साथ लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर सकारात्मक चर्चा हुई।
  • बीईईएएच (BEEAH) समूह: वेस्ट-टू-एनर्जी (अपशिष्ट से ऊर्जा), सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सर्कुलर इकोनॉमी के क्षेत्रों में इंदौर मॉडल पर आधारित तकनीकी सहयोग पर विचार किया गया।

भोपाल GIS-2027 के लिए खुला निमंत्रण 'इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश: इंटरैक्टिव सेशन' के दौरान प्रवासी उद्योगपतियों और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 11% से अधिक की आर्थिक विकास दर के साथ मध्य प्रदेश भारत का प्रमुख ग्रोथ इंजन बन चुका है। पिछले ढाई वर्षों में राज्य को ₹34 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 30% से ज्यादा प्रोजेक्ट्स धरातल पर उतर चुके हैं।

सीएम यादव ने पर्याप्त लैंड बैंक, सिंगल विंडो सिस्टम और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का हवाला देते हुए सभी वैश्विक उद्योगपतियों को जनवरी 2027 में भोपाल में आयोजित होने वाली 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS-2027) में भाग लेने का औपचारिक निमंत्रण दिया।