दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों परिवारों को संपत्ति का मालिकाना हक देने की दिशा में केंद्र और दिल्ली सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक और तकनीकी कदम उठाया है। प्रधानमंत्री अनाधिकृत कॉलोनी आवास अधिकार योजना (PM-UDAY) के क्रियान्वयन में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए ‘दृष्टि’ (दिल्ली रेवेन्यू ऐंड इमेजिंग सर्वे, स्पेशियल टेक्नोलॉजी इनिशिएटिव - DRISHTI) परियोजना को मंजूरी दी गई है।

इस ₹65 करोड़ की महत्त्वाकांक्षी परियोजना के जरिए आधुनिक जियोस्पेशियल और जीआईएस (GIS) मैपिंग तकनीक का इस्तेमाल कर जमीनी सर्वे और दस्तावेजी प्रक्रिया को डिजिटल व व्यवस्थित बनाया जाएगा।

1. बजट और फंडिंग का ढांचा

‘दृष्टि’ परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹65 करोड़ तय की गई है, जिसे केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगी:

  • 80% अंशदान (₹52 करोड़): केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की शहरी विकास निधि (UDF) से अनुदान के रूप में मिलेगा। यह राशि चार किस्तों में जारी होगी (GeM पोर्टल से खरीद की स्थिति में एकमुश्त भी संभव)।
  • 20% अंशदान (₹13 करोड़): दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
  • कार्यान्वयन एजेंसी: परियोजना को धरातल पर लागू करने और प्रबंधित करने का जिम्मा दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग का होगा, जिसमें दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली नगर निगम (MCD) भी सहयोग करेंगे।

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2. 'दृष्टि' प्रोजेक्ट के तहत क्या बदलाव होंगे?

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य अनधिकृत कॉलोनियों के संपत्तियों से जुड़े दावों का त्वरित और सटीक निस्तारण करना है:

  • 13 जिलों में विशेष सेल: दिल्ली के सभी 13 जिलों में समर्पित 'पीएम-उदय सेल' और मुख्यालय स्तर पर एक केंद्रीय शाखा स्थापित की जाएगी।
  • डिजिटल और पारदर्शी सर्वे: पारंपरिक सर्वे के बजाय जीआईएस और ड्रोन/हाई-रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग आधारित जियोस्पेशियल तकनीक का उपयोग होगा।
  • समयबद्ध प्रक्रिया: नक्शा पास करने, सीमांकन करने और दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी, जिससे संपत्ति का हस्तांतरण और मालिकाना हक जल्दी मिलेगा।

3. योजना का महत्व और सरकारी पक्ष

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने परियोजना के बारे में बताते हुए कहा कि पीएम-उदय योजना केवल कागजात देने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को उनके घर का कानूनी अधिकार और सम्मान देने का माध्यम है।

"हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प के अनुरूप काम कर रही है। 'दृष्टि' परियोजना से सर्वे और मैपिंग अधिक पारदर्शी व पारदर्शी बनेगी, जिससे आम नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और तेजी से उनके अधिकार मिलेंगे।" — मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

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4. आम जनता को क्या मिलेगा फायदा?

  1. कानूनी सुरक्षा: अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को उनकी संपत्ति पर पक्का और विवाद-रहित मालिकाना हक मिलेगा।
  2. ऋण व वित्तीय लाभ: पक्के दस्तावेज (Conveyance Deed / Authorization Slip) मिलने से बैंक से आसानी से होम लोन प्राप्त किया जा सकेगा।
  3. भ्रष्टाचार और देरी पर लगाम: जीआईएस आधारित डेटा होने के कारण कागजों में हेराफेरी या देरी की संभावना खत्म होगी।

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