काठमांडू। नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी जलप्रलय के बाद अब सबसे दर्दनाक तस्वीरें सामने आ रही हैं। भीषण सैलाब के शांत होने के बाद सैकड़ों परिवार अपने लापता परिजनों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। काठमांडू के त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों और मॉर्चरी के बाहर लापता लोगों के पोस्टर लगाए गए हैं, जहां परिवार का हर सदस्य अपनों की सलामती की एक खबर के इंतजार में खड़ा है।
अस्पतालों के चक्कर काटते परिजन, मिले भारतीय नागरिक के सुराग
जलप्रलय के 72 घंटे बीत जाने के बाद भी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। नेपाल के अस्पतालों में बनाए गए पूछताछ केंद्रों पर लोगों का हुजूम उमड़ रहा है:
- मंदिर काफ्ले की आपबीती: मंदिरा काफ्ले के रिश्तेदार सैलाब वाले दिन से लापता हैं। अंतिम बार उसी दिन फोन पर बात हुई थी, जिसके बाद से संपर्क पूरी तरह कटा हुआ है।
- बचाव का वीडियो, पर लोकेशन का पता नहीं: अपने भाई को ढूंढने पहुंचे एक व्यक्ति के पास सेना का एक वीडियो है जिसमें उसके भाई को बचाते हुए तो देखा जा सकता है, लेकिन वह इस वक्त किस अस्पताल या शिविर में है, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
- भारतीयों की भी तलाश: महाराष्ट्र से आए एक व्यक्ति अस्पतालों में लापता भारतीयों और महाराष्ट्र के निवासियों की खोजबीन कर रहे हैं। इसी दौरान पूछताछ केंद्र की लिस्ट में 'नमलेश शर्मा' नामक एक भारतीय नागरिक का नाम दर्ज मिला है, हालांकि उनके मूल निवास स्थान का विवरण अभी स्पष्ट नहीं है।
- पेमला तमांग की गुहार: पेमला तमांग अपने लापता अंकल की तस्वीर हाथ में लिए भटक रही हैं, जो नेपाल-चीन सीमा के पास एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करते थे। पेमला का कहना है कि यदि सरकार उन्हें कोई सुविधा दे, तो वह खुद सीमावर्ती इलाके में जाकर उन्हें तलाशना चाहती हैं।
गल्छी इलाके में मलबे से आती असहनीय दुर्गंध
गल्छी इलाके में स्थिति और अधिक वीभत्स हो गई है। मलबे के नीचे दबे शवों को निकालने के लिए बचावकर्मी फावड़ों की मदद से खुदाई कर रहे हैं।
- असहनीय दुर्गंध: मलबे में दबी लाशों के सड़ने से उठ रही असहनीय दुर्गंध ने स्थानीय लोगों और बचाव कर्मियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर काम करने को मजबूर हैं।
- ऊपरी इलाकों से बहकर आए शव: स्थानीय लोगों के अनुसार, पहाड़ों के ऊपरी हिस्से से आने वाले मलबे और पानी के तेज बहाव के साथ कई शव बहकर नीचे आए हैं और यहां दलदल में दब गए हैं।
आंकड़ों में तबाही का मंजर
नेपाल गृह मंत्रालय और राहत एजेंसियों के अनुसार तबाही के आंकड़े बेहद भयावह हैं:
- मृतकों की संख्या: जलप्रलय में अब तक 616 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
- लापता लोग: 2,500 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं।
- धुंधली होती उम्मीदें: घटना को 72 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के कारण मलबे में दबे लोगों के जीवित मिलने की संभावनाएं लगातार कम होती जा रही हैं।
फिलहाल, नेपाल पुलिस और बचाव दल अस्पतालों के बाहर सूचियां अपडेट कर रहे हैं और मलबे से शवों को निकालने का अभियान जारी रखे हुए हैं।





