पर्यावरण की सुरक्षा में मानव की सुरक्षा निहित,पर्यावरण चक्र की सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाए
पर्यावरण को दूषित होने से बचाने के लिए वृक्षारोपण जरूरी:मुकुंद साव
प्रतिनिधि, चौपारण,हजारीबाग।हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। यह दिवस इसलिए मनाया जाता है ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को प्रकृति से जुड़ी समस्याओं के बारे में जागरूक किया जा सके। साथ ही इसके समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाया जा सके। वहीं पर्यावरण दिवस पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।उक्त बातें बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरणविदों के सम्मान में और सम्पूर्ण जनमानस को जागरूक करने के दृष्टिकोण से एक बयान जारी कर पर्यावरण संरक्षण मंच के हजारीबाग जिला संयोजक मुकुंद साव ने कही।
इस अवसर पर बोलते हुए मुकुंद साव ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस को मनाने का फैसला साल 1972 में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा स्टॉकहोम सम्मेलन में किया गया था। इस सम्मेलन का थीम पर्यावरण संरक्षण था। इसके बाद से हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस सेलिब्रेट करने का निर्णय लिया गया। पहली बार यह खास दिन 5 जून 1974 को मनाया गया। इस विश्व पर्यावरण दिवस की थीम एक पृथ्वी थी।
मुकुंद साव ने विश्व पर्यावरण दिवस का महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि भारत समेत पूरे विश्व में प्रदूषण काफी तेजी से फैल रहा है। इस वजह से हमारी प्रकृति को काफ़ी नुकसान हो रहा है। प्रकृति को प्रदूषण से बचाने के लिए पर्यावरण दिवस मनाया जाता है।इस अवसर पर लोगों से अपील किया जाता है कि पर्यावरण को दूषित होने से बचाने के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ पौधे लगाए,पानी का खपत कम करें,स्वच्छता पर ध्यान दे, गन्दगी न फैलाए,पक्षियों की हत्या नही किया जाए।





