कोलकाता / रेजीनगर। पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी उपचुनावों से ठीक पहले राजनीतिक हलचल और तनाव चरम पर पहुंच गया है। नंदीग्राम के बाद अब पुलिस ने रेजीनगर विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी सैफुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है। सैफुल इस्लाम को वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प से जुड़े पांच साल पुराने एक मामले में शनिवार को हिरासत में लिया गया।
AJUP समर्थित उम्मीदवार हैं सैफुल इस्लाम
सैफुल इस्लाम, विधायक हुमायूं कबीर की अगुवाई वाली आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के समर्थन से चुनावी मैदान में उतरे थे।
- क्यों हो रहा है उपचुनाव? विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी नवादा सीट अपने पास रखते हुए रेजीनगर सीट से इस्तीफा दे दिया था, जिसके चलते यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
- पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी: AJUP ने इस सीट पर हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को मैदान में उतारा है, जबकि सैफुल इस्लाम भी निर्दलीय के रूप में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे थे।
पुलिस का बयान और कार्रवाई
ब्रह्मपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार, सैफुल इस्लाम का नाम पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान हुई झड़प की प्राथमिकी (FIR) में नामजद था।
- पुरानी एफआईआर पर कार्रवाई: एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "ब्रह्मपुर थाने की पुलिस टीम ने सैफुल इस्लाम को 2021 के चुनाव से जुड़े एक पुराने हिंसा मामले में गिरफ्तार किया है। उस दौरान दो राजनीतिक समूहों में आपस में भिड़ंत हुई थी।"
नंदीग्राम के बाद दूसरा बड़ा झटका; कांग्रेस उम्मीदवार भी हुए थे गिरफ्तार
सैफुल इस्लाम की गिरफ्तारी से ठीक एक दिन पहले पुलिस ने नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ्तार किया था। मिलन प्रधान पर ऐतिहासिक भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के समय दर्ज किया गया लगभग दो दशक पुराना (20 साल पुराना) मामला चल रहा था। एक के बाद एक विपक्षी व निर्दलीय उम्मीदवारों पर हो रही पुलिसिया कार्रवाई को लेकर राज्य में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर को भी पुलिस का समन
उम्मीदवार की गिरफ्तारी के साथ-साथ पुलिस ने आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
- ब्रह्मपुर पुलिस ने शनिवार को कबीर को नोटिस जारी कर सोमवार को जांच अधिकारियों के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है।
- यह समन कथित तौर पर दो समुदायों के बीच तनाव भड़काने और वैमनस्य फैलाने की साजिश से जुड़े एक मामले में भेजा गया है, जो इसी साल 14 सितंबर को दर्ज किया गया था।





