मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शनिवार देर रात अचानक आए भूकंप के झटकों से अफरा-तफरी मच गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप रात 10:24 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.7 दर्ज की गई। इसका केंद्र ज़मीन से 10 किलोमीटर की गहराई में (24.707° N, 87.914° E) धुलियान और फराक्का के बीच स्थित था।

पहले से ही भारी बारिश और भूस्खलन की मार झेल रहे क्षेत्र के निवासियों में इस घटना के बाद दहशत फैल गई और लोग देर रात अपने घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह रही कि तीव्रता कम होने के कारण अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

बंगाल बेसिन में भूकंप का ऐतिहासिक संदर्भ विशेषज्ञों के मुताबिक, बंगाल बेसिन कई सक्रिय फॉल्ट जोन (भ्रंश क्षेत्रों) के प्रभाव में आता है, जिससे यह क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है। इतिहास में भी इस इलाके ने कई विनाशकारी भूकंप झेले हैं:

  • 1885 व 1897: बंगाल में 6.8 तीव्रता का भूकंप आया; वहीं 1897 में असम-शिलांग के 8.1 तीव्रता वाले महाभूकंप से कोलकाता तक भारी तबाही हुई।
  • 1918 व 1930: श्रीमंगल (7.6) और धुबरी (7.1) भूकंपों के व्यापक झटके बंगाल क्षेत्र में दर्ज किए गए।
  • 1934 व 1964: बिहार-नेपाल सीमा पर आए 8.0+ तीव्रता वाले विनाशकारी भूकंप का असर पूरे बंगाल पर पड़ा। 1964 में सागर द्वीप में 5.4 तीव्रता का झटका महसूस हुआ।
  • 2011 व 2015: सिक्किम (6.9) और नेपाल के भीषण भूकंपों के कारण पश्चिम बंगाल और कोलकाता में तेज़ झटके और दहशत देखी गई।