सिलिगुड़ी / कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के सफलतापूर्वक 100 दिन पूरे होने के अवसर पर उत्तर बंगाल (सिलीगुड़ी) में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कुशल नेतृत्व, त्वरित प्रशासनिक फैसलों और राष्ट्र सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की जमकर प्रशंसा की। वहीं, अपने संबोधन में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के दौरान राज्य में डर, जबरन वसूली और सिंडिकेट राज का माहौल बना हुआ था, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है।
ममता बनर्जी पर साधा निशाना: 'जमीन देने से कर दिया था साफ इंकार'
केंद्रीय गृह मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल की तीखी आलोचना करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर भी उनका रवैया कितना ढुलमुल था। उन्होंने कहा:
"ममता बनर्जी से हाथ-पैर जोड़कर सीमा पर कंटीले तार (फैंसिंग) लगाने के लिए जमीन मांगी गई थी। मैं खुद एक बार उनके कार्यालय में यह कहने गया था कि यह जमीन किसी पार्टी के लिए नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा के लिए BSF और SSB को चाहिए। उन्होंने हां कहा लेकिन जमीन कभी नहीं दी। आज मैं बंगाल की जनता को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने एक ऐसी सरकार चुनी है जो राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।"
नए आपराधिक कानून: डर की जगह कानून का राज
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों (BNS, BNSS और BSA) ने राज्य में आम नागरिकों के बीच भरोसा कायम किया है। इन कानूनों के तहत किसी भी पुलिस थाने में 'जीरो FIR' दर्ज कराने की सुविधा से न्याय प्रक्रिया में गति आई है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को अच्छे से पता था कि ये सख्त कानून उनके सिंडिकेट और उगाही तंत्र के लिए मौत की घंटी साबित होंगे।
शुभेंदु अधिकारी की तारीफ और प्रशासनिक रफ्तार
गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ अपनी निकटता और उनके काम करने के अंदाज की सराहना की।
- त्वरित निर्णय: गृह मंत्री ने कहा कि अब सीमा सुरक्षा बल (BSF) और SSB की अनुमतियों के लिए आधिकारिक पत्रों का इंतजार नहीं करना पड़ता; मुख्यमंत्री से केवल एक फोन कॉल पर मंजूरी मिल जाती है।
- जमीन का हस्तांतरण: नई सरकार बनने के मात्र 45 दिनों के भीतर, जिस 1129 एकड़ जमीन की मांग 2014 से लंबित थी, उसे BSF और SSB को सौंप दिया गया। इसके अलावा बची हुई 29 एकड़ जमीन का मुद्दा भी आपसी सहमति से तुरंत सुलझा लिया गया।
- सुरक्षा बलों का सम्मान: गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि BSF और SSB किसी राजनीतिक दल की एजेंसियां नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करने वाले बल हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कभी सुरक्षा बलों के कार्यक्रमों में भाग नहीं लेती थीं, जबकि शुभेंदु अधिकारी ने इस परंपरा को बदलकर सशस्त्र बलों का मान बढ़ाया है।
अमित शाह ने कहा कि जब तक सीमा पर अवैध घुसपैठ नहीं रुकती, तब तक बंगाल और भारत पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकते, और शुभेंदु अधिकारी इस जमीनी सच्चाई को बहुत अच्छी तरह समझते हैं।





