कोलकाता: पश्चिम बंगाल में पेंशन योजनाओं को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार (7 सितंबर) को राज्य सचिवालय नबान्न भवन से बढ़ी हुई दर पर सामाजिक सुरक्षा भत्ता वितरण की औपचारिक शुरुआत की। इसके तहत राज्य के लगभग 60 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 1,500 रुपये प्रति व्यक्ति की राशि सीधे हस्तांतरित की गई।
Wikipedia
उल्लेखनीय है कि पूर्व में मिलने वाली 1,000 रुपये की मासिक सहायता राशि में 500 रुपये का इजाफा करते हुए इसे अब 1,500 रुपये कर दिया गया है।
वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगजनों को एक साथ लाभ
इस संशोधित पेंशन योजना के दायरे में वृद्धावस्था पेंशन के साथ-साथ विधवा महिलाओं और दिव्यांग व्यक्तियों को शामिल किया गया है।
- कुल लाभार्थी: लगभग 60 लाख व्यक्ति।
- Wikipedia
- केंद्र सहायता (NSAP): इनमें से करीब 20 लाख लाभार्थी केंद्र सरकार की 'राष्ट्रीय सामाजिक सहायता योजना' (National Social Assistance Programme) के तहत लाभान्वित होंगे।
- राज्य कोष से योगदान: शेष 40 लाख लाभार्थियों की संपूर्ण पेंशन राशि का भुगतान राज्य सरकार अपने आंतरिक संसाधनों से करेगी।
NSAP की पेंशन में भी वृद्धि
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के अंतर्गत आने वाली विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों को भी इस बढ़ोतरी का लाभ दिया गया है। इसके तहत निम्नलिखित योजनाओं के पात्र व्यक्तियों की मासिक पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दी गई है:
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना
सामाजिक सुरक्षा और कमजोर वर्गों को आर्थिक संबल
सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सीधी राहत मिलेगी। राज्य प्रशासन का दावा है कि भत्ता राशि में 50 प्रतिशत की यह वृद्धि न केवल सामाजिक सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करेगी, बल्कि बुजुर्गों और विशेष रूप से सक्षम नागरिकों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक सुधार लाएगी।
Wikipedia
‘लोकतंत्र सेनानी ऑनर स्कीम’ के तहत भी राहत
इससे पूर्व, राज्य सरकार ने 'वेस्ट बंगाल लोकतंत्र सेनानी ऑनर स्कीम' के तहत आपातकाल (इमरजेंसी) के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले 325 से 330 सेनानियों को 10,000 रुपये प्रति माह की सम्मान पेंशन देने का भी निर्णय लिया था।





