करची / अरब सागर: भारतीय और पाकिस्तानी नौसैनिक जहाजों के बीच हाल ही में हुए खतरनाक टकराव के ठीक दो हफ्ते बाद अरब सागर में सैन्य सरगर्मियां एक बार फिर बढ़ गई हैं। पाकिस्तान नौसेना ने 27 सितंबर को उत्तरी अरब सागर में अपनी नई 'हंगोर क्लास' पनडुब्बी (PNS/M HANGOR) से पहली बार लाइव एंटी-शिप क्रूज मिसाइल की फायरिंग का सफल परीक्षण किया। पाकिस्तानी सैन्य मीडिया (ISPR) के अनुसार, इस पनडुब्बी ने समुद्र में लंबी दूरी के एक लक्ष्य को सटीक निशाना बनाया।

नाविक दुर्घटना के बाद पाकिस्तान का नया शक्ति प्रदर्शन यह परीक्षण समय के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। 15 सितंबर को इसी समुद्री क्षेत्र में भारतीय नौसेना के विध्वंसक जहाज INS Kolkata और पाकिस्तान के PNS Hunain के बीच सीधी टक्कर हो गई थी। भारत के अनुसार, पाकिस्तानी जहाज ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में खतरनाक तरीके से पैंतरा बदला था, जिसके बाद भारत ने पाकिस्तानी राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। दुर्घटना में INS कोलकाता सुरक्षित रहा, जबकि PNS हुनैन को नुकसान के कारण बंदरगाह वापस लौटना पड़ा था।

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चीनी तकनीक और AIP से लैस 'हंगोर क्लास' का दबदबा PNS/M HANGOR पाकिस्तान की उस महत्वाकांक्षी परियोजना का हिस्सा है, जिसके तहत वह चीन के साथ रक्षा सहयोग के माध्यम से 8 नई 'हंगोर क्लास' पनडुब्बियां अपनी नौसेना में शामिल कर रहा है। जून में कराची पहुंची इस पनडुब्बी की मुख्य विशेषताएं:

  • एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP): यह तकनीक पारंपरिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों की तुलना में इसे बिना सतह पर आए हफ्तों तक पानी के भीतर रहने की क्षमता देती है।
  • स्टील्थ तकनीक व आधुनिक सेंसर: यह दुश्मन के सोनार नेटवर्क से बचकर गुप्त तैनाती, निगरानी और सटीक मिसाइल हमले करने में सक्षम है।

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सामरिक निहितार्थ और 1991 का द्विपक्षीय समझौता यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच अरब सागर में तनाव चरम पर है। वर्ष 1991 के भारत-पाकिस्तान समझौते के अनुच्छेद 10 के अनुसार, दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों को आपस में कम से कम 3 नॉटिकल मील (लगभग 5.6 किमी) की सुरक्षित दूरी बनाए रखना अनिवार्य है। पाकिस्तान द्वारा नई AIP-संचालित पनडुब्बियों का बेड़े में शामिल किया जाना अरब सागर में नौसैनिक संतुलन और निगरानी रणनीतियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।