प्रतिनिधि,सिंदरी/बलियापुर। गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव पर सिंदरी में विश्वहिंदू परिषद व बजरंग दल के जिला महामंत्री सोनू गिरी के अध्यक्षता में बजरंग दल विहिप सिंदरी प्रखण्ड द्वारा निकाली गई भव्य भगवा शोभा यात्रा जय माता दी मंदिर, रांगामाटी को अविस्मरणीय बनाने के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने वाले कोयलांचलवासियों को सोनू गिरी ने धन्यवाद दिया। उन्होंने मीडिया सहित सभी बजरंगियों को सेवा देने वाले विशिष्ट दलों व पुलिस टीम का भी धन्यवाद किया है।





उन्होंने कहा कि भगवा शोभा यात्रा हिंदूत्व को जगाने के उद्देश्य से किया गया है। हनुमान जन्मोत्सव पर निकाली गई इस वर्ष की लगभग सात घंटे की विशाल भगवा शोभा यात्रा अविस्मरणीय बनाने में कोयलांचलवासियों ने कोई कसर बाकी नहीं रखी है। उन्होंने कहा कि हजारों बजरंगियों को लेकर चलना ही अपने आप में उपलब्धि है। साथ ही साथ झारखण्ड बिजली विभाग के कर्मचारियों को भी धन्यवाद दिया,जिन्होंने शोभा यात्रा के दौरान शहर का लाइन काट कर सहयोग किया। उन बजरंगियों के लिए यात्रा के बीच में हिंदू समाज द्वारा विभिन्न स्थानों पर स्टालों से शरबत व ठंडा जल उपलब्ध कराने के लिए धन्यवाद दिया है।





उन्होंने बताया कि शहरपुरा कोपरेटिव मोड़ पर कृष्णा यादव, योगेंद्र तिवारी, सौरव सरकार, राकेश दुबे, कृष्ण बिहारी पाण्डेय, रोहड़ाबांध में अजय मेडिकल व नाइटेंगल क्लिनिक, पंचमुखी मोड़ पर विशाल कुमार, राकेश तिवारी सहित रोहड़ाबांध के श्रद्धालुओं व गौशाला बाजार में राहुल अग्रवाल की टीम ने बजरंगियों की सेवा करने के लिए धन्यवाद है। इसके साथ ही विभिन्न दलों से आए टीम ने भी विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल धनबाद महानगर सिन्दरी प्रखंड की इस भगवा शोभा यात्रा को विशाल हृदय प्रदान किया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों सहित पुलिस बल द्वारा इसे नियंत्रित व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए धन्यवाद दिया है।





इस शोभा यात्रा में दीपक सिंह, हर्ष देव कर्मकार, विशाल मुथुराम, प्रद्युमन, सिंटू सिंह, रोहित सिंह, सोनू सिंह, दुलाल महतो, अजय अयान, गोलू, अंकित, अमित, विवेक, नीरज गिरी, नवल किशोर, विनोद, रंजीत कुमार निषाद, अमन कुमार ठाकुर, सोनू गिरी सहित सभी सिंदरीवाशियो एवं विहिप कार्यकर्ताओं ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रबल योगदान बताया है।वहीं कुछ बुद्धिजीवियों ने दूरभाष पर इस यात्रा को दिखावा एवं प्रशासन को आड़े हांथ लेते हुए कहा कि दुर्गापूजा, होली, छठ जैसे पर्व में डीजे को प्रतिवन्धित करने की बात कहते हैं, वहीं शहर के बीचों बीच इतनी बड़ी रूप में डीजे बजाया जा रहा था तो पुलिसवालों की कान में उसकी गूंज या धमक नहीं पहुंची थी क्या? ये कोई हनुमानजी से संबंधित कार्यक्रम नहीं था, बल्कि शक्ति प्रदर्शन था, जो शहरवासियों के लिए सर दर्द बना और कुछ नहीं।