दीपिका पादुकोण की 8 घंटे की शिफ्ट डिमांड और फीस को लेकर बॉलीवुड में छिड़ी बहस थमने का नाम नहीं ले रही है। निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा के साथ 2025 में शुरू हुए इस विवाद के बाद दीपिका ने 'स्पिरिट' और 'कल्कि 2898 AD' जैसी पैन-इंडिया फिल्मों से दूरी बना ली थी। अनुभव सिन्हा, पंकज त्रिपाठी, मणि रत्नम और कंगना रनौत जैसे कई दिग्गज इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। अब 'पिंक' और 'थप्पड़' फेम एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने भी इस संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी है।

'जागरण फिल्म फेस्टिवल 2026' में तापसी का बड़ा बयान

दिल्ली में आयोजित 'जागरण फिल्म फेस्टिवल 2026' के दौरान संवाददाता से एक्सक्लूसिव बातचीत में तापसी पन्नू ने इंडस्ट्री के तय नियमों और अभिनेत्रियों की फीस पर बात की।

  • काम के घंटे और फीस पर अधिकार: तापसी ने कहा, "यह नियम सिर्फ एक्ट्रेसेस के लिए ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री के हर व्यक्ति के लिए खत्म होने चाहिए। आप अपने लिए कितनी सैलरी चाहते हैं, यह तय करना आपका हक है। हालांकि, सामने वाले का उस मांग को स्वीकार करना या अस्वीकार करना भी उसका अपना अधिकार है।"
  • शिफ्ट टाइमिंग की स्वतंत्रता: एक्ट्रेस ने आगे कहा कि कोई कलाकार कितने घंटे काम करना चाहता है, यह तय करना उसका व्यक्तिगत निर्णय है। निर्माता उस शर्त के साथ काम करना चाहते हैं या नहीं, यह फैसला पूरी तरह से निर्माता का है। इसमें किसी एक पक्ष पर दबाव नहीं होना चाहिए।

संदीप रेड्डी वांगा के भाई के बयान से बढ़ा विवाद

2025 का यह विवाद हाल ही में उस वक्त दोबारा गरमा गया, जब संदीप रेड्डी वांगा के भाई ने दावा किया कि दीपिका पादुकोण 'स्पिरिट' फिल्म के लिए 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी (प्रॉफिट शेयरिंग) मांग रही थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मांग पूरी न होने पर फिल्म का प्लॉट लीक कर दिया गया।

दूसरी ओर, दीपिका पादुकोण से जुड़े सूत्रों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि एक्ट्रेस केवल एक बार निर्देशक से मिली थीं। सूत्रों के मुताबिक, निर्देशक का महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण काफी पुरुषवादी था, जिसके चलते दीपिका ने भविष्य में कभी भी उनके साथ काम न करने का फैसला लिया है।