पटना: राजधानी पटना से सटे ऐतिहासिक शहर बख्तियारपुर का नाम बदलने को लेकर बिहार की राजनीति में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बेटे और बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन ने बुधवार (9 सितंबर 2026) को प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समक्ष बख्तियारपुर शहर का नाम बदलकर 'नीतीशपुर' करने का औपचारिक प्रस्ताव रखा है।

'बख्तियारपुर केवल स्थान नहीं, जननेता की जन्मभूमि है' मंत्री संतोष सुमन ने अपने सोशल मीडिया (X) हैंडल के जरिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सुझाव देते हुए नीतीश कुमार को बिहार के विकास और सुशासन का प्रतीक बताया।

  • भावनाओं का सम्मान: उन्होंने कहा कि बख्तियारपुर केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं है, बल्कि उस महान नेता की जन्मभूमि है जिसने आधुनिक बिहार की राजनीति और विकास को नई दिशा दी।
  • मिट्टी का गौरव: नीतीश कुमार का जन्म, संघर्ष और स्मृतियां बख्तियारपुर से जुड़ी हैं। ऐसे में उनकी जन्मभूमि का नाम 'नीतीशपुर' करना उस मिट्टी के गौरव और जनभावनाओं का सम्मान होगा।

क्या है नाम बदलने की पृष्ठभूमि? हाल ही में एक मीडिया इंटरव्यू (पॉडकास्ट) के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बख्तियारपुर का नाम बदलने को लेकर सवाल किया गया था, जिसके बाद से ही इस विषय पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि लंबे समय से बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग उठती रही है।

नीतीश कुमार खुद कर चुके हैं इस विचार को खारिज दिलचस्प बात यह है कि जब नीतीश कुमार खुद बिहार के मुख्यमंत्री थे, तब लगभग चार साल पहले उनसे बख्तियारपुर का नाम बदलकर उनके नाम पर रखे जाने से जुड़ा सवाल पूछा गया था। उस समय नीतीश कुमार ने इस विचार को सिरे से खारिज करते हुए कहा था:

"क्या फालतू बात है… बख्तियारपुर का नाम क्यों बदलेगा? मेरा जन्म स्थान बख्तियारपुर है।"

अब जबकि उपमुख्यमंत्री से पदोन्नत होकर सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की कमान संभाल रहे हैं, एनडीए (NDA) के घटक दल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के नेता संतोष सुमन के इस प्रस्ताव के बाद देखना होगा कि बिहार सरकार इस नामकरण प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती है।