विशेष संवाददाता
रांची।झारखंड बजट में राज्य के स्टेकहोल्डर्स के अनुकूल नीतियों का समायोजन हो सके, इसके लिए वित्त मंत्री डाॅ.रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में आहूत बजट पूर्व गोष्ठी में झारखंड चैंबर ऑफ काॅमर्स का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ और अपने सुझावों से अवगत कराया गया। बजट में घोषित योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से रखते हुए चैंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री ने राज्य के पांचों प्रमंडल में बिजनेस ट्रेड सेंटर स्थापित किये जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य में बंद पड़े खदानों को शीघ्र खोलने की पहल हो। इससे सरकार को सालाना 10 हजार करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त होगा। झारखंड में लोहे पर आधारित उद्योगों को प्रति माह लाखों टन लौह अयस्क की आवश्यकता पड़ती है, जिसकी वर्तमान कीमत करोड़ों रूपए है। राॅयल्टी और जीएसटी मिलाकर करोड़ों रूपए राज्य सरकार प्राप्त कर सकती थी, लेकिन खदानें बंद होने के कारण सरकार को इस लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। उद्योगों की आवश्यकता के लिए अयस्क दूसरे प्रदेशों से मंगाना पड़ता है, जिस कारण राज्य का पैसा अन्य राज्यों में चला जा रहा है।
चैंबर द्वारा सुझाया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में शिक्षा व स्वास्थ के क्षेत्र में बजट में वृद्धि की जाय। राज्य में उच्च तकनीकी शिक्षण संस्थानों के अभाव में राज्य के विद्यार्थी अन्य राज्यों में जाकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिस कारण राज्य से प्रतिभा पलायन तो हो ही रहा है, इससे राज्य को प्राप्त होने वाला राजस्व भी अन्य राज्यों में चला जा रहा है। इसी प्रकार गंभीर बीमारियों के उच्च कोटि की इलाज की सुविधा नहीं होने के कारण राज्य के लोग वेल्लोर सहित अन्य प्रदेशों में इलाज के लिए जाते हैं,जिस कारण हेल्थ सेक्टर का पैसा भी अन्य राज्यों में जा रहा है। आवश्यक है कि राज्य में उच्च तकनीकी शिक्षण संस्थान एवं बेहतर इलाज की सुविधा हेतु पर्याप्त बजटीय उपबंध किया जाय। कई अन्य सुझाव भी दिये गये जिनमें मुख्यतः खेलगांव को स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के रूप में तब्दील करने, राज्य में आईटी सेक्टर की कंपनियों को आमंत्रित करने, कोल्ड चेन सिस्टम को व्यापक स्वरूप देना शामिल है।
वित मंत्री डाॅ.रामेश्वर उरांव ने चैंबर के सुझावों को महत्व देते हुए सभी मांगों पर विचार करने की बात कही। साथ ही राज्य सरकार के राजस्व संग्रह में वृद्धि के अन्य विकल्पों पर भी सुझाव आमंत्रित किया, जिसपर चैंबर अध्यक्ष ने अन्य सुझावों से जल्द ही अवगत कराने के लिए आश्वस्त किया। मौके पर वित विभाग के सचिव, उच्चाधिकारियों के अलावा चैंबर उपाध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, शालिनी साबू सहित अन्य उपस्थित थे।





