बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आगामी विधानसभा चुनावों और सांगठनिक फेरबदल को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में नई पीढ़ी और युवाओं (विशेषकर 'जेन-जी') को आगे बढ़ाने की रणनीति पर तेजी से काम चल रहा है। आगामी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब विधानसभा चुनावों में सर्वसमाज के योग्य, कर्मठ और युवा उम्मीदवारों को चुनाव में प्राथमिकता दी जाएगी।

परिवारवाद पर मायावती की दोटूक

पार्टी में उत्तराधिकार और परिवारवाद की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए मायावती ने अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया:

  • बेटों के लिए नो एंट्री: मायावती ने कहा कि उनके छोटे भाई आनंद कुमार भले ही लंबे समय से उनकी देखभाल और पार्टी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन उनके बेटों को बसपा में किसी भी छोटे-बड़े राजनीतिक पद पर अवसर नहीं दिया जाएगा।
  • बेटी संभाल सकती हैं कानूनी/पार्टी कार्य: वकालत की पढ़ाई कर रहीं आनंद कुमार की बेटी कुमारी दीपिका आनंद जरूरत पड़ने पर भविष्य में उनकी मदद कर सकती हैं। यदि वह तैयार नहीं होती हैं, तो किसी समर्पित मिशनरी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
  • कोई राजनीतिक लाभ नहीं: मायावती ने दोहराया कि उनके परिवार के किसी सदस्य को अनुचित राजनीतिक लाभ देने की उनकी नीति कभी नहीं रही है।

अंबेडकरवादी राजनीति और बसपा शासन का रिपोर्ट कार्ड

मायावती ने कहा कि युवाओं को आगे लाने का मुख्य उद्देश्य देश में अंबेडकरवादी राजनीति और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करना है।

  • कानून-व्यवस्था और विकास: उन्होंने बसपा की पूर्व सरकारों को कानून-व्यवस्था, जनहित और विकास के मामले में सर्वश्रेष्ठ बताया।
  • पलायन पर रोक: सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के साथ स्कूल-कॉलेज, पार्क और प्रशिक्षण केंद्रों के निर्माण से प्रदेश से मजबूरी में होने वाला पलायन काफी हद तक रुका था।
  • सर्वसमाज का प्रतिनिधित्व: कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि उम्मीदवार चयन में सर्वसमाज के बेहतर चेहरों के साथ युवा महिलाओं और पुरुषों को प्राथमिकता दें।

फेक न्यूज और अनुशासनहीन नेताओं पर चेतावनी

बसपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं को विरोधी दलों और जातिवादी मीडिया के दुष्प्रचार से सतर्क रहने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण बाहर किए गए नेताओं की बसपा में वापसी की खबरें पूरी तरह मनगढ़ंत और 'फेक न्यूज' हैं। ऐसे लोगों को पार्टी में दोबारा कभी शामिल नहीं किया जाएगा।