बारलोंग एनएच 23 में भीषण सड़क हादसा,दो व्यक्तियों की मौत पर हुई मौत
ग्रामीणों ने तीन घंटा तक सड़क किया जाम,काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने हटवाया जाम
2 किलोमीटर तक छोटे बड़े वाहनों की लगी रही लंबी कतार
पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,रजरप्पा। रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत बारलोंग पंचायत के एनएच 23 पर बृहस्पतिवार सुबह लगभग 11 बजे भीषण सड़क हादसा हुआ,जिससे किराना दुकान के मालिक महेश महतो 58 वर्षीया (पिता जगदीश महतो )और ट्रैक्टर चालक करू महतो 24 वर्ष (पिता बाली महतो) की मौत पर दर्दनाक मौत हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि जेएच 10 एजी 2491 हाईवा ट्रक के चपेट में आने से दोनों व्यक्ति की मौत हुई।हाईवा चालक काफी रफ्तार में आ रहा था। सड़क पर ट्रैक्टर चालक अपने ट्रैक्टर को खड़ा कर रखा था। इसी बीच में पीछे से आकर बड़ी वाहन ने जोरदार धक्का मारा और लगभग 25 फीट घसीटते हुए ट्रैक्टर और हाईवा गाड़ी घर में घुस गई,जिससे किराना दुकान संचालक महेश महतो दुर्घटना में घर पर ही दब गए और घटनास्थल पर उनकी मौत हो गई,जबकि ट्रैक्टर चालक अपने वाहन पर बैठा था उसे भी घसीट कर घर में घुस गया,जिससे उनकी मौत हो गई।
घटना की खबर सुनते ही आस पड़ोस से ग्रामीण भारी संख्या में सड़क पर पहुंचे और सड़क को जाम कर दिया। सड़क जाम लगभग 3 घंटा तक रहा,जिससे आवागमन घंटो बाधित रहा। यात्रियों को परेशानी। सड़क जाम से दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतार लगभग 2 किलोमीटर तक लगी रही। इस मौके पर रजरप्पा थाना को घटना की जानकारी दी गई।थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे और इंस्पेक्टर रजत कुमार घटना स्थल पर दलबल के साथ पहुंचे। सड़क जाम में जुटे लोग प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग कर रहे थे। लगभग 3 घंटे तक काफी मशक्कत के बाद पुलिस द्वारा जाम में जुटे ग्रामीणों को समझाया बुझाया गया उसके बाद आवागमन शुरू की गई।
रजरप्पा पुलिस के द्वारा दोनों मृतकों के शव को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए रामगढ़ जिला मुख्यालय अस्पताल भेजा गया। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को मृतक के शव को सौपा गया।
महेश महतो परिवार के मुखिया थे। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार, पत्नी, तीन पुत्री और एक पुत्र को छोड़कर दुनिया से अलविदा हो गए। उधर मृतक परिवार के परिजन छाती पीट-पीट कर ,रोरो कर बुरा हाल है। पूरे परिवार में गम का माहौल है। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। देर शाम दोनों मृतक के शव का अंतिम संस्कार बारलोंग नाला मे किया गया।अंतिम दाह संस्कार में भारी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।





