पटना।
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों और पड़ोसी राज्यों में हो रही भारी बारिश के कारण बिहार की प्रमुख नदियां विकराल रूप ले चुकी हैं। राज्य के 13 जिले भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। राजधानी पटना समेत मुंगेर, भागलपुर, भोजपुर और वैशाली में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
उफान पर नदियां और पटना में बढ़ता खतरा
गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक और बागमती नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं:
- पटना में स्थिति गंभीर: पटना के दीघा घाट, गांधी घाट, हाथीदह और मनेर में गंगा खतरे के निशान को पार कर गई है। पटना सिटी और आसपास के निचले इलाकों में पानी तेजी से घुस रहा है।
- पुनपुन नदी का रिंग बांध टूटा: पुनपुन नदी का रिंग बांध टूटने से पानी मुख्य बांध की ओर बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें बहाव को रोकने और बांध को बचाने में जुटी हैं।
- मुंगेर में खतरे से ऊपर: मुंगेर में गंगा का जलस्तर 39.36 मीटर पर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान (39.33 मीटर) से 3 सेंटीमीटर ऊपर है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा उपाय
बाढ़ के खतरे को देखते हुए पटना जिलाधिकारी कुंदन कुमार, एसएसपी और नगर आयुक्त ने संवेदनशील क्षेत्रों (दीघा घाट, बिंद टोली, एलसीटी घाट और गोसाई टोला) का दौरा किया। सुरक्षा के मद्देनजर:
- पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल के 108 रास्तों को बंद कर दिया गया है।
- 13 स्लुईस गेट के लीकेज को ठीक कराकर बंद कराया गया है।
- ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों को लगातार सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने किया एरियल सर्वे
बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के साथ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण (एरियल सर्वे) किया। हवाई जायजे के बाद मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को निर्देश दिए:
- प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य (SDRF/NDRF) में तेजी लाई जाए।
- निचले इलाकों में फंसे लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर भोजन व चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए।
- तटबंधों की 24 घंटे सतर्क निगरानी की जाए।





