पटना / वैशाली
बिहार में बाढ़ की विकराल होती स्थिति के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों के जमीनी दौरे पर पहुंचे। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ उन्होंने वैशाली जिले के कई गंभीर रूप से प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया और सीधे खेतों तक पहुंचकर किसानों से बातचीत की तथा फसलों को हुए नुकसान का प्रत्यक्ष जायजा लिया।
केंद्र और राज्य सरकार की इस संयुक्त पहल का मुख्य उद्देश्य प्रभावित किसानों को त्वरित राहत उपलब्ध कराना और नुकसान की सटीक रिपोर्ट तैयार करना है।
नाव और ट्रैक्टर से जलभराव वाले खेतों में पहुंचे नेता
वैशाली जिले के तेरसिया और सरायपुर गांवों में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। बाढ़ का पानी बस्तियों के साथ-साथ खेतों में बुरी तरह भर गया है:
- दुर्गम इलाकों में जायजा: केंद्रीय मंत्री और उपमुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए नाव (Boats) और ट्रैक्टरों का सहारा लिया।
- किसानों से सीधा संवाद: उन्होंने जलमग्न खेतों के पास खड़े होकर किसानों से उनकी डूबी हुई फसलों, पशुओं के चारे और खेती से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
फसल नुकसान का होगा त्वरित आकलन
दौरे के दौरान अधिकारियों की विशेष टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रभावित फसलों के नुकसान का वैज्ञानिक और प्रशासनिक आकलन (Crop Damage Assessment) प्राथमिकता के आधार पर करें:
- राहत पैकेज की तैयारी: अधिकारियों द्वारा तैयार की जा रही रिपोर्ट के आधार पर ही किसानों को आर्थिक सहायता, बीज वितरण और राहत राशि की प्रक्रिया तय की जाएगी।
- समस्याओं की पहचान: इसमें मुख्य रूप से धान, मक्का और सब्जियों की फसलों को पहुंचे नुकसान की मैपिंग की जा रही है।
15 जिलों में विकराल हुई बाढ़: करीब 50 लाख आबादी प्रभावित
आपदा प्रबंधन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश और बिहार की प्रमुख नदियों के उफान पर होने से राज्य के 15 जिले भीषण बाढ़ की चपेट में हैं:
- प्रभावित मुख्य जिले: पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया।
- प्रभावित आबादी: राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगभग 49.67 लाख लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। गंगा, गंडक, कोसी और बागमती जैसी प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
राहत शिविरों का जायजा और उच्चस्तरीय समीक्षा
निरीक्षण के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर राहत व बचाव कार्यों (Relief & Rescue Operations) की व्यापक समीक्षा करेंगे।
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री का मुंगेर के नवाबगढ़ी राहत शिविर और भागलपुर के राहत शिविरों का दौरा करने का भी कार्यक्रम है, जहां वे विस्थापित लोगों के लिए भोजन, चिकित्सा और ठहराव की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।





