प्रतिनिधि,चतरा। इटखोरी प्रखंड अवस्थित ख्याति प्राप्त एकमात्र उच्च शिक्षण संस्थान भद्रकाली महाविद्यालय में एनएसएस इकाई एक एवं इकाई दो के तत्वाधान में संविधान पखवाड़ा के अंतर्गत संविधान दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भद्रकाली महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर दुलार हजाम के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. दुलार हजाम ने संविधान के उपयोगिता और महत्व पर चर्चा करते हुए वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किसी भी राष्ट्र का संविधान उसे देश की गरिमा को दर्शाता है। वह देश का विधान होता है जिससे देश के शान कार्यों का संपादन किया जाता है। संविधान में प्रदत्त अधिकारों के द्वारा, उसमें वर्णित स्वतंत्रताओं के द्वारा मानव अधिकारों एवं नागरिकों के अधिकारों की रक्षा होती है। भारत के संविधान में भारतीय नागरिकों के एक ओर जहां अधिकार बताए गए हैं दूसरी ओर कर्तव्य भी बताए गए हैं। हमारे देश का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।
राजनीति विज्ञान विभाग के प्राध्यापक पूर्व प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने संविधान के निर्माण और औचित्य पर अपना विचार प्रस्तुत करते हुए किन परिस्थितियों में कैसे संविधान का निर्माण हुआ, संविधान की आवश्यकता क्यों महसूस की गई और कैसे संविधान हमारे देश में लागू हुआ आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए संविधान से संबंधित महत्वपूर्ण और मौलिक बातें बताई। इस क्रम में उन्होंने संविधान निर्माण के समय तत्कालीन भारत की राजनीतिक स्थिति का भी जिक्र किया।
कार्यक्रम के दौरान संविधान की प्रस्तावना का वाचन करते हुए संविधान के मूल्यों की रक्षा करने का भी संकल्प लिया गया। संविधान के प्रति आस्था निष्ठा और विश्वास बनाए रखने का शपथ लिया गया।
इस मौके पर वाणिज्य विभाग सेकेंद्र मिस्त्री, इतिहास विभाग के प्रोफेसर श्याम सुंदर प्रसाद, प्रोफेसर धीरेंद्र यादव, प्रोफेसर पंकज कुमार, प्रोफेसर ईभा सिंहा, प्रोफेसर मधुबाला, प्रोफेसर लीलू रानी, प्रोफेसर महेंद्र ठाकुर, प्रोफेसर ललित मोहन चौधरी, प्रोफेसर मंसूर आलम फखरी, प्रोफेसर ललित कुमार सिंह, प्रोफेसर शाहिद अली प्रोफेसर महम्मद असलम प्रोफेसर राकेश कुमार सिंहा समेत महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के साथ सैकड़ो की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
कार्यक्रम का मंच संचालन इतिहास विभाग के एनएसएस इकाई 2 के अधिकारी प्रोफेसर बालेश्वर पासवान के द्वारा किया गया एवं धन्यवाद ज्ञापन इतिहास विभाग के वरीय प्राध्यापक प्रोफेसर श्याम सुंदर प्रसाद के द्वारा किया गया।





