प्रतिनिधि,हजारीबाग। सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक डॉ. सुजाय लाल थाउसेन मेरु कैंप स्थित प्रशिक्षण केंन्द्र एवं विद्यालय पहुंचे। जहां कैंप के शान-ए-मगध अतिथि गृह में उनका भव्य स्वागत किया गया।मौके पर महानिरीक्षक इंद्रजीत सिंह राणा, दानियल अधिकारी, महानिरीक्षक, सहायक प्रशिक्षण केन्द्र, देवी सरन सिंह, उप महानिरीक्षक,(प्रशा), व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। शनिवार को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद प्रशासनिक भवन में कैंप के सभी अधिकारीयों का महानिदेशक से परिचय करवाया गया। इसके बाद महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए उन्होंने निर्देश एवं आश्वासन भी दिए।
महानिदेशक ने विशिष्ट प्रशिक्षण विद्यालय के प्रशिक्षण एरिया, कमांड़ो समूह, पीटी समूह, सीईजी समूह, एमएमजी व मोर्टार समूह का जायजा लिया और प्रशिक्षणार्थियों से बातचीत की। आईईडी संग्रहालय, सैंड़ मॉडल रूम को भी देखा। साथ ही सहायक प्रशिक्षण केन्द्र का भी दौरा किया। दानियल अधिकारी, महानिरीक्षक, सहायक प्रशिक्षण केन्द्र नें महोदय को सहायक प्रशिक्षण केन्द्र में चल रही प्रशिक्षण गतिविधयों से अवगत कराया।
प्रशिक्षण केन्द्र एवं विद्यालय सीमा सुरक्षा बल, हजारीबाग एक अंर्तराष्ट्रीय स्तर एवं महत्व का आईएसओ प्रमाणित प्रीमियर प्रशिक्षण संस्थान है। यहां काउन्टर इन्सरजेन्सी, काउंटर टेरेरिजम, फील्ड इंजीनियरिंग एक्सप्लाॅसिव आदि के क्षेत्र में विशिष्ट प्रशिक्षण न केवल सीमा सुरक्षा बल के कार्मिकों को बल्कि अन्य केन्द्रीय बलों एवं राज्य पुलिस के कार्मिकों को भी प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा विदेशी पुलिस अधिकारियों को भी यह संस्थान विशेष प्रशिक्षण देता है। प्रशिक्षण प्राप्त कर देश की सीमाओं की रक्षा करने में अपना अहम योगदान देते है। स्थापना के समय इस संस्थान के साथ बीटीसी के रूप में कार्यरत थी। वर्तमान में सहायक प्रशिक्षण केन्द्र में उपनिरीक्षक (सीधी भर्ती ) एवं नवआरक्षकों को बुनियादी प्रशिक्षण देने का कार्य किया जाता है।
उन्होंने सीमा प्रिया हाॅल में प्रहरी सम्मेलन में सर्वप्रथम सीमा सुरक्षा बल के गौरवशाली इतिहास के बारे में चर्चा की। कहा कि भारत पाक युद्ध 1971 के दौरान सीमा सुरक्षा बल के द्वारा बांग्लादेश मुक्ति वाहिनी को प्रशिक्षित कर एवं युद्ध के दौरान अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया। प्रशिक्षण हेतु संसाधनों की उपलब्धता और प्रशिक्षण के दौरान आने वाली चुनौतियों व उनके समाधान के बारे में चर्चा की। कहा कि भविष्य में आने वाली चुनौतियों के लिए प्रशिक्षुओं को और बेहतर तरीके से तैयार करने की जरुरत है,जिससे भविष्य में वे सीमाओं की रक्षा के दौरान आने वाली चुनौतियों का साहस के साथ सामना कर अपने कर्तव्यों को बखूबी निभा सकें। सम्मेलन के दौरान प्रशिक्षण केन्द्र एवं विद्यालय एवं सहायक प्रशिक्षण केन्द्र के सभी अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारीगण व अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।





