पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,बड़कागांव।हजारीबाग के लोकसभा चुनाव में दोनों गठबंधन के प्रत्याशी की नजर बड़कागांव के कॉल ब्लॉक की कमाई पर नजर है।कांग्रेस प्रत्याशी अभी भी अप्रत्यक्ष रूप से एनडीए के ही प्रत्याशी हैं। क्योंकि अब तक विधायकी से त्यागपत्र नहीं दिए हैं। लोकसभा का चुनाव हारने के बाद वह पुनः भाजपा में के गोद में ही खेलने लगेंगे। उन्हें क्षेत्र की समस्या से लेनादेना नहीं सिर्फ पद चाहिए। उक्त बातें बड़कागांव नागरिक अधिकार मंच के संयोजक लखिंद्र ठाकुर ने जीडीएम बालिका उच्च विद्यालय बड़कागांव के प्रांगण में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही। उन्होंने बड़कागांव की जनता को भाजपा- कांग्रेस प्रत्याशी को छोड़कर शेष 15 प्रत्याशी में से शिक्षित, संघर्षील एवं संसद भवन में मुखर होकर क्षेत्र की आवाज उठाने वाले किसी भी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
लखिंद्र ठाकुर ने भाजपा की ओर इंगित करते हुए कहा कि वर्तमान चुनाव तानाशाही रवैया पर हो रही है न की लोकतांत्रिक तरीके से। इस पार्टी में व्यक्ति हावी है न कि पार्टी। ठाकुर ने आगे कहा कि भाजपा प्रत्याशी बड़कागांव का स्थानीय निवासी होने का दुहाई दे रहे हैं,लेकिन 2016 में जब बड़कागांव जल रहा था तो वे कहां सोए हुए थे।
नागरिक अधिकार मंच के सदस्य सोनू इराकी ने कहा कि किसी भी प्रत्याशी ने बड़कागांव का स्थानीय मुद्दा को एजेंडा में नहीं लाया है।इसलिए यहां के लोगों को नोटा में वोट करना चाहिए। सदस्य रामदुलार साव ने कहा कि बड़कागांव में विस्थापन एक बड़ी मुद्दा है जिसे ध्यान में रखते हुए मतदान करनी चाहिए। इस अवसर पर सदस्य रंजन कुमार ठाकुर भी मौजूद थे।





