प्रतिनिधि,रांची।भारतीय मजदूर संघ के श्रमिकों के द्वारा पिछले दो सप्ताह से डकबैक कंपनी के विरुद्ध धरना और प्रदर्शन जारी है। श्रमिकों के अनुसार प्रदर्शन का कारण डकबैक इंडिया लिमिटेड कंपनी में कार्यरत मजदूरों का कोलकाता स्थित कारखाना में स्थानांतरण है। दूसरी वजह कंपनी सन 2020 के बाद से महंगाई भत्ता नहीं दे रही है। तीसरी वजह यहां से मशीनों को निकाल कर कोलकाता भेजा जा रहा है।





विदित हो कि डकबैक इंडिया लिमिटेड कंपनी का नाम पूर्व में बिहार रबर कंपनी था।शुरुआती दौर में इस कंपनी का मालिकाना हक बंगाल वाटर प्रूफ लिमिटेड कोलकाता के पास था। इस कंपनी में रबड़ उत्पादन जैसे सेफ्टी शूज, रेनकोट इत्यादि का निर्माण होता है। जब कंपनी के एचआर उषा देवी से संपर्क किया गया तो उन्होंने सिरे से उन श्रमिकों की मांगों को नकार दिया। बताया कि झारखंड सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक ही उन्हें भत्ते दिए जाते हैं।यह भी कहा कि रांची में कंपनी घाटे में चलने की वजह से इन श्रमिकों का स्थानांतरण किया जा रहा है,लेकिन श्रमिक अपनी हठधर्मिता पर अड़े हुए हैं। श्रमिकों को कार्य मुक्त तो नहीं किया गया है,लेकिन उन्हें कोलकाता स्थित फैक्ट्री में योगदान का आग्रह किया गया है।उप श्रमायुक्त को ज्ञापन दिया गया है। अब देखना यह है कि 8 जून को श्रम विभाग क्या समाधान निकालती है।ये श्रमिक 30 वर्षों से रांची स्थित फैक्ट्री में कार्यरत हैं।