अक्टूबर 2026 का महीना भारत के लिए कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित होने जा रहा है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को देश के वैश्विक व्यापारिक संबंधों को लेकर कई बड़ी जानकारियां साझा कीं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आगामी 20 अक्टूबर 2026 (दशहरा) से पूरी तरह लागू होने जा रहा है।
दूसरी तरफ, कूटनीतिक तनावों के बीच कनाडा के साथ व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है और दोनों देशों के बीच 5वें दौर की वार्ता 5 अक्टूबर से शुरू होगी।
भारत-न्यूजीलैंड ट्रेड डील: 100% शुल्क-मुक्त प्रवेश और $20 बिलियन का निवेश
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, 27 अप्रैल को हस्ताक्षरित भारत-न्यूजीलैंड एफटीए (FTA) लागू होते ही न्यूजीलैंड को होने वाले भारत के 100 प्रतिशत निर्यात को शुल्क-मुक्त (Duty-Free) पहुंच मिल जाएगी।
डील की मुख्य विशेषताएं:
- $20 Billion Investment: न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹1.6 लाख करोड़) का भारी-भरकम निवेश करेगा।
- प्रमुख लाभान्वित सेक्टर: भारत के कपड़ा (Textile), फार्मास्यूटिकल्स, ऑटो कंपोनेंट्स, सेरामिक्स, कालीन और आईटी (IT) सेक्टर को इसका सीधा फायदा होगा। वर्तमान में न्यूजीलैंड इन भारतीय सामानों पर 10% तक का शुल्क लगाता है।
- कृषि तकनीक का आदान-प्रदान: समझौते के तहत 'कृषि उत्पादकता साझेदारी' कायम की गई है, जिससे न्यूजीलैंड की उन्नत तकनीक भारत के बड़े बाजार के काम आएगी।
- संवेदनशील क्षेत्र सुरक्षित: भारत ने अपने किसानों और स्थानीय उद्योगों के हितों की रक्षा करते हुए डेयरी, प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम, कृत्रिम शहद और चीनी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस समझौते से बाहर रखा है।
न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने इस समझौते को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दौर में दोनों देशों के व्यापारिक समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण करार दिया है।
कनाडा के साथ CEPA वार्ता: अगले 90 दिन बेहद अहम
भारत और कनाडा के बीच संबंधों में सुधार और आर्थिक साझेदारी को मजबूती देने के लिए दोनों देश तेजी से काम कर रहे हैं।
- 5वां दौर 5 अक्टूबर से: नई दिल्ली में 18 सितंबर को चौथे दौर की वार्ता संपन्न होने के बाद, भारतीय दल 5 अक्टूबर को 5वें दौर की वार्ता के लिए जाएगा।
- इस साल के अंत तक समझौते का लक्ष्य: दोनों देश 2026 के अंत तक इस ट्रेड डील को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रख रहे हैं। हाल ही में कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने भी मुंबई का दौरा कर पीयूष गोयल से मुलाकात की थी।
- व्यापारिक प्रभाव: इस वार्ता से भारतीय छात्रों, पेशेवरों और दवा, स्टील, इलेक्ट्रॉनिक्स व टेक्सटाइल निर्यातकों के लिए नए रास्ते खुलेंगे।
यूरोपीय संघ (EU) और चिली के साथ व्यापार समझौतों पर बड़ा अपडेट
वाणिज्य मंत्री ने ईयू और चिली के साथ जारी व्यापार वार्ताओं की प्रगति पर भी अपडेट दिया:
- भारत-यूरोपीय संघ (EU) ट्रेड डील: यूरोपीय संसद अगले 3 महीनों में इस ऐतिहासिक समझौते को मंजूरी दे सकती है, जिसके बाद अगले 6 से 7 महीनों में इसे पूरी तरह लागू किया जा सकता है।
- भारत-चिली व्यापार समझौता: वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने हाल ही में चिली का दौरा कर प्रगति की समीक्षा की है। आने वाले कुछ महीनों में चिली के साथ भी सकारात्मक खबर मिलने की पूरी संभावना है।





