मध्य प्रदेश में सक्रिय हुए मजबूत मानसूनी सिस्टम ने राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों को जलमग्न कर दिया है। भोपाल में पिछले 24 घंटों के भीतर रिकॉर्ड 7 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसने नगर निगम के मानसून-पूर्व दावों की पोल खोलकर रख दी। शहर की कई प्रमुख सड़कें, निचले इलाके और कॉलोनियां पूरी तरह पानी में डूब गईं, वहीं कई घरों में नाले का पानी घुसने से आम जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
प्रमुख मार्ग बंद, 25 गांवों का संपर्क टूटा
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते भोपाल-बैरसिया मार्ग पर स्थित ईंटखेड़ी पुल के ऊपर पानी आ जाने से आवागमन को एहतियातन रोकना पड़ा। बैरसिया क्षेत्र की नदियां और नाले उफान पर हैं। उधर राजगढ़ के ब्यावरा में रेलवे अंडरपास पानी से लबालब भर जाने के कारण लगभग 25 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। सीहोर और रायसेन में भी कई सड़कें बंद होने और मकानों में पानी भरने की खबर है।
NHAI की लापरवाही: तालाब बनी 'कंफर्ट ग्रीन कॉलोनी'
भोपाल के जेल रोड स्थित वार्ड-75 की कंफर्ट ग्रीन कॉलोनी के सामने NHAI अधिकारियों की कथित उदासीनता और ड्रेनेज की बदहाली से मुख्य सड़क ने तालाब का रूप ले लिया। स्थानीय रहवासियों के अनुसार जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से पूरा रास्ता डूब चुका है, जिससे वाहनों का निकलना तक दूभर हो गया है।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश का रिकॉर्ड
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में:
- भोपाल: 7 इंच
- नर्मदापुरम: 5 इंच
- रायसेन: 4.9 इंच
- राजगढ़ व शाजापुर: 4.5 इंच
- सीहोर: 4 इंच
प्रशासन मुस्तैद; किसानों को राहत की उम्मीद
हालात बिगड़ते देख प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावितों तक तत्काल राहत सामग्री पहुंचाने और नाले-नालियों की युद्धस्तर पर सफाई कराने के सख्त निर्देश दिए। एक तरफ जहाँ शहरवासियों के लिए यह बारिश आफत बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेज बारिश खरीफ फसलों के लिए वरदान साबित होगी।





