केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने पूर्वोत्तर के राज्यों में सुरक्षा स्थिति की व्यापक समीक्षा के बाद मणिपुर और नागालैंड में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 (AFSPA) के तहत 'अशांत क्षेत्र' (Disturbed Areas) की अवधि को अगले छह महीनों के लिए बढ़ा दिया है।
गृह मंत्रालय द्वारा 25 सितंबर 2026 को आधिकारिक रूप से जारी यह गजट अधिसूचना 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी और 31 मार्च 2027 तक (या उससे पहले वापस लिए जाने तक) लागू रहेगी।
राज्य-वार स्थिति और अधिसूचना का विवरण
| राज्य | AFSPA का दायरा / अशांत घोषित क्षेत्र | AFSPA के दायरे से बाहर क्षेत्र |
| मणिपुर (Manipur) | 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को छोड़कर पूरा राज्य 'अशांत क्षेत्र' घोषित। | इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग जिलों के 13 पुलिस थाना क्षेत्र (नीचे विवरण देखें)। |
| नागालैंड (Nagaland) | 9 पूरे जिले और 5 अन्य जिलों के 21 पुलिस थाना क्षेत्र। | राज्य के बाकी अन्य शांत और सामान्य क्षेत्र। |
मणिपुर: 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को मिली राहत
सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के आधार पर गृह मंत्रालय ने मणिपुर की राजधानी इंफाल और आसपास की घाटी के 5 जिलों में आने वाले 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को AFSPA के दायरे से बाहर रखा है:
- इंफाल वेस्ट जिला: इंफाल, लांफेल, सिटी, सिंगजामेई, पटसोई और वांगोई पुलिस थाना क्षेत्र।
- इंफाल ईस्ट जिला: पोरोमपत, हेइंगांग और इरिलबुंग पुलिस थाना क्षेत्र।
- थौबल जिला: थौबल पुलिस थाना क्षेत्र।
- बिष्णुपुर जिला: बिष्णुपुर और नांबोल पुलिस थाना क्षेत्र।
- काकचिंग जिला: काकचिंग पुलिस थाना क्षेत्र।
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नागालैंड: 9 पूरे जिले और 21 थाना क्षेत्र अशांत घोषित
न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के अनुसार, नागालैंड में AFSPA धारा-3 के तहत सुरक्षा बलों को विशेष शक्तियां दी गई हैं:
- अशांत घोषित 9 पूरे जिले: दीमापुर, निउलैंड, चुमौकेदिमा, मोन, किफिरे, नोकलक, फेक, पेरेन और मेलुरी।
- 5 जिलों के 21 थाना क्षेत्र:
- कोहिमा: खुजामा, कोहिमा नॉर्थ, कोहिमा साउथ, जुब्जा और केजोक्हा थाना क्षेत्र।
- मोकोकचुंग: मंगकोलेंबा, मोकोकचुंग-I, लोंगथो, तुली, लोंगचेम और अनाकी 'C' थाना क्षेत्र।
- लोंगलेंग: यांगलोक पुलिस थाना क्षेत्र।
- वोखा: भंडारी, चंपांग और रालान थाना क्षेत्र।
- जुन्हेबोटो: घाटाशी, पुघोबोटो, सताखा, सुरुहुटो, जुन्हेबोटो और अघुनाटो थाना क्षेत्र।
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क्या है AFSPA और क्यों लिया गया यह फैसला?
सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (AFSPA) 1958 की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार को किसी भी राज्य या उसके क्षेत्र को 'अशांत' घोषित करने का अधिकार है। यह कानून अशांत क्षेत्रों में तैनात सशस्त्र बलों के जवानों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संदिग्धों की बिना वारंट गिरफ्तारी, तलाशी और आवश्यकता पड़ने पर बल प्रयोग का विशेषाधिकार देता है।
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला उग्रवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने, राज्य की सीमाओं पर चौकसी बनाए रखने और दोनों राज्यों में शांति व स्थिरता बहाल करने के उद्देश्य से कानून-व्यवस्था की ताजा समीक्षा के बाद लिया गया है। परिस्थिति में सुधार होने पर समय से पूर्व भी इस फैसले की समीक्षा कर इसे वापस लिया जा सकता है।





