मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 के ग्रीष्मकालीन सीजन में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मूंग की बंपर खरीद दर्ज की गई है। केंद्र सरकार द्वारा राज्य के लिए स्वीकृत 5.39 लाख टन के लक्ष्य के मुकाबले लगभग 5.33 लाख टन ग्रीष्मकालीन मूंग की सफल खरीद की गई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 27 अगस्त को मध्य प्रदेश के कृषि और उद्यानिकी मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक कर खरीद और फसल बीमा योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
2025 के मुकाबले खरीद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
राज्य में इस वर्ष मूंग की खरीद प्रक्रिया में बड़ा सुधार और वृद्धि देखने को मिली:
- स्वीकृत मात्रा में वृद्धि: शुरुआत में केंद्र सरकार ने 4,54,580 टन मूंग खरीद की मंजूरी दी थी, जिसे बाद में किसानों के हित में 84,492 टन अतिरिक्त बढ़ाकर कुल 5,39,072 टन कर दिया गया।
- वास्तविक खरीद: राज्य में कुल स्वीकृत सीमा के भीतर 5.33 लाख टन मूंग खरीदी गई। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से NAFED और NCCF के माध्यम से संचालित की गई।
- पिछले वर्ष से तुलना: 2025 के सीजन में 4.19 लाख टन की स्वीकृति के मुकाबले केवल 3.93 लाख टन मूंग की ही वास्तविक खरीद हो सकी थी, जिसकी तुलना में 2026 का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा।
फसल बीमा और WINDS प्रणाली की समीक्षा
बैठक में 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' (PMFBY) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) के क्रियान्वयन पर भी गहराई से चर्चा की गई:
- टर्म शीट उपलब्ध: राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र ने RWBCIS को लागू करने के लिए आवश्यक टर्म शीट राज्य को सौंप दी है और इसे जल्द लागू करने का आग्रह किया है।
- WINDS प्रणाली की अनिवार्यता: Weather Information Network and Data System (WINDS) के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि WINDS के बिना मौसम आधारित फसल बीमा को पूरी तरह प्रभावी ढंग से लागू करना कठिन होगा, इसलिए राज्य को इसे जल्द चालू करना होगा।
सटीक उपज आकलन के लिए तकनीक और CCE का संयोजन
फसल क्षति और उपज के सटीक आकलन के लिए केंद्र सरकार ने तकनीक-आधारित मॉडलों के साथ-साथ 'क्रॉप कटिंग प्रयोगों' (CCE) को फिर से शुरू करने का सुझाव दिया। डिजिटल डेटा और खेत के स्तर पर प्राप्त जमीनी आंकड़ों को मिलाकर एक संयुक्त व्यवस्था बनाने की सिफारिश की गई, जिससे फसल बीमा दावों और उपज अनुमानों की सटीकता व विश्वसनीयता बढ़ सके।





