कोलकाता:

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश में राजनीतिक पारा एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है, इसलिए SIR प्रक्रिया से पहले की पुरानी मतदाता सूची के आधार पर पश्चिम बंगाल में दोबारा मतदान कराया जाना चाहिए।

"CEC पद छोड़ें और तुरंत जेल जाएं": ममता बनर्जी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक लाइव के जरिए जनता को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अब यह पूरी तरह से स्पष्ट हो चुका है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग ने मिलकर पश्चिम बंगाल के जनादेश को प्रभावित किया है।

ममता बनर्जी ने कड़े शब्दों में कहा, "ज्ञानेश कुमार को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए। CEC का पद उनके जैसे व्यक्ति के लिए नहीं है।" उन्होंने इस संघर्ष को लोकतंत्र की रक्षा के लिए 'आजादी की दूसरी लड़ाई' करार देते हुए घोषणा की कि जब तक ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहेंगे, तब तक पूरे देश में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट ने बढ़ाई हलचल

ममता बनर्जी का यह आक्रामक रुख मीडिया में आई एक प्रमुख रिपोर्ट के बाद सामने आया है। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयोग के भीतर ही SIR प्रक्रिया को लेकर मतभेद थे।

  • आपत्तियों का दावा: रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान देशभर में चलाए गए SIR अभियान के तहत बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और कई अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
  • बिना जानकारी के फैसले: यह भी आरोप लगाया गया है कि SIR से जुड़े कुछ अहम फैसले दोनों आयुक्तों की पूर्ण जानकारी के बिना लिए गए थे।

चुनाव आयोग ने खारिज किए दावे

हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इन सभी दावों और आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग की ओर से जारी रुख में स्पष्ट किया गया कि SIR प्रक्रिया से संबंधित सभी फैसले और आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति, आपसी विचार-विमर्श और आधिकारिक मंजूरी के बाद ही लिए गए थे।

पुरानी वोटर लिस्ट से दोबारा चुनाव कराने की मांग

ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में SIR लागू होने से पहले की जो 'मूल मतदाता सूची' थी, उसी के आधार पर राज्य में फिर से निष्पक्ष विधानसभा चुनाव कराए जाने चाहिए।

उन्होंने जानकारी दी कि इस गंभीर मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के सहयोगी दलों के बीच प्राथमिक चर्चा हो चुकी है। जल्द ही गठबंधन के शीर्ष नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें चुनाव आयोग के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन और कानूनी रणनीतियों की रूपरेखा तय की जाएगी।