पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,गोड्डा।महर्षि में परमहंस जी महाराज की 140वें जयंती बुधवार को महर्षि आश्रम केंचुआ चौक में धूमधाम से मनाई गई।इस शुभ अवसर पर प्रभात फेरी निकाली गई। बाजे गाजे के साथ महर्षि जी के शिष्यों ने केंचुआ महर्षि में ही आश्रम से महागामा के विभिन्न गलियों से भ्रमण करते हुए बसवा चौक सदर अस्पताल ऊर्जा नगर होते हुए वापस आश्रम पहुंचे।भक्त पूरे उत्सव से नारे लगा रहे थे सबका ईश्वर एक है और ईश्वर तक जाने का रास्ता भी एक है।
इस अवसर पर प्रातः कालीन एवं अपराह्न कालीन दो फलियां में सत्संग का आयोजन किया गया। भजन कीर्तन वेद उपनिषद रामचरितमानस और संतवाणी का पाठ किया गया। शिवनारायण बाबा, हरदेव बाबा, वासुदेव बाबा, केदार बाबा, सुखदेव बाबा ने प्रवचन दिया। प्रवचन करते हुए साधु महात्माओं ने कहा की महर्षि में ही जैसे संत का अवतरण इस धरा धाम पर भूले भटके जीवन के कल्याण के लिए होता है। महर्षि जी का जन्म खोखशी श्याम नामक ग्राम में हुआ था। जन्म के समय से ही भगवान बुद्ध की तरह उनके सर पर साथ जताई थी कंगी से उलझा देने पर भी पुनः जटा बन जाती थी। उनके बताए उपदेश एवं मार्ग पर चलकर हम अपने आत्म कल्याण के पद का उन्नयन कर सकते हैं। इस अवसर पर आश्रम को सजाया गया था भंडारा महाप्रसाद की भी व्यवस्था की गई थी।सैकड़ो की संख्या में भक्तजन उपस्थित थे।





