पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,रजरप्पा।कमांड क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में सेन्ट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड रजरप्पा क्षेत्र ने अपने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।यह कार्यक्रम महाप्रबंधक रजरप्पा क्षेत्र कल्याणजी प्रसाद के मुख्य अतिथि में संपन्न हुआ।





इस अवसर पर स्टाफ अधिकारी (पी एंड पी) पीके रामदास, सीएसआर अधिकारी आशीष झा और श्रम संगठन के प्रतिनिधि प्रदीप पटवा,सुखसागर सिंह,धनेश्वर राम और चरितर राम उपस्थित रहे।





महाप्रबंधक कल्याणजी प्रसाद ने कहा कि सीसीएल का सदैव प्रयास रहा है कि क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्रदान किए जाएं। मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण न केवल आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह आजीविका के नए द्वार खोलने में भी सहायक सिद्ध होगा। हमें विश्वास है कि यह कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगा और रजरप्पा मशरूम क्लस्टर के तौर पर अपना पहचान बनाएगा।





क्रियान्वयन संस्था युवा के अधिकारी पंकज कुमार ने मुख्य अतिथि का स्वागत शाल और सोहराय पेंटिंग भेंट कर किया और प्रशिक्षण की विस्तृत जानकारी दी।





कार्यक्रम के तहत कुल 30 महिलाओं को 6 माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा,जिसमें मशरूम उत्पादन,मूल्यवर्धन और विपणन की जानकारी प्रदान की जाएगी।प्रशिक्षुओं को मशरूम उत्पादन किट भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही महिलाओं को मशरूम से बने उत्पादों जैसे मशरूम सूप, अचार, बड़ी, चिली और मंचूरियन बनाने का प्रशिक्षण भी मिलेगा।





सेवई उत्तरी के मुखिया कुलदीप सिंह ने इस पहल के लिए सीसीएल प्रबंधन को धन्यवाद देते हुए कहा कि सीसीएल का यह कदम ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सराहनीय है। इससे न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि होगी बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी होगी। हम आशा करते हैं कि इस प्रकार के प्रशिक्षण आगे भी जारी रहेंगे।





भूचुंगडीह की मुखिया सुनीता देवी ने भी सीसीएल सीएसआर की सराहना करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन से महिलाओं को स्वावलंबी बनने का सुनहरा अवसर मिलेगा। इसके जरिए वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकती हैं सीसीएल के इस प्रयास के लिए हम आभार व्यक्त करते हैं।





सीएसआर अधिकारी आशीष झा ने बताया कि सीसीएल का यह प्रयास महिलाओं की आजीविका सुधारने और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाने के लिए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।