प्रतिनिधि,मेदिनीनगर,पलामू।हिंदू धर्म में नवरात्रि का खास महत्व माना जाता है।नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है और 17 अप्रैल को नवरात्रि का समापन होना है। 9 दिनों तक माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा पूरे विधि विधान के साथ की जाएगी। नवरात्रि में व्रत या उपवास का भी खास महत्व होता है। नवरात्रि की पूजा व्रत रखकर ही की जाती है। इससे माता दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्त को मनचाहे फल की प्राप्ति हती है।





नवरात्रि में 9 दिनों तक कई प्रकार के व्रत रखते हैं।कोई निर्जला व्रत रखते हैं तो कोई फलहार व्रत रखते हैं। भक्त फलहार और दूध का सेवन कर व्रत रखकर माता दुर्गा की पूजा आराधना कर सकता है। नवरात्रि में निराहार व्रत रखना आवश्यक नहीं होता है। हां जो पहली बार नवरात्र में व्रत रखकर माता दुर्गा की पूजा आराधना कर रहे हैं वह अष्टमी तिथि के दिन रख सकते हैं। सभी दिनों में अष्टमी तिथि सबसे शुभ मानी जाती है।इसलिए इस दिन निराहार व्रत रखकर माता दुर्गा की पूजा आराधना कर सकते हैं। इससे माता दुर्गा कृपा से वक्त का कल्याण जरूर होगा।





इसके अलावा अपने मन से क्रोध निकाल कर व्रत धारण करें। व्रत के दौरान झूठ नहीं बोलें।इससे व्रत का विपरीत असर हो सकता है।व्रत के दौरान भूलकर भी किसी व्यक्ति का अनादर नहीं करें। व्रत के दौरान सभी के प्रति अच्छी भावना रखें।