प्रतिनिधि, दुमका। दुमका जिला में दिनांक 12 अप्रैल से मिजिल्स - रूबेला टीकाकरण अभियान प्रस्तावित है। मिजिल्स रूबेला (MR) Campaign 2023 के दौरान सभी स्कूलों एवं आगंनबाडी़ में 9 माह से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों का मिजिल्स- रूबेला टीकाकरण किया जाएगा,ताकि उन सभी बच्चों को मिजिल्स रूबेला जैसे गंभिर बिमारियों से बचाया जा सके।





उक्त जानकारी उपायुक्त द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मिजिल्स - रूबेला एक विषाणु जनित संक्रामक बिमारी है। इन दोनो बिमारी में बुखार के साथ शरीर में दाना निकलता है। मिजिल्स का कुछ गंभीर कॉम्प्लिकेशन जैसा कि दस्त, न्युमोनिया कुपोषण, जिससे बच्चा का मृत्यु तक हो सकता है।ठीक उसी तरह रूबेला अगर गर्भ धारण करने वाली आयु वर्ग के महिलाओं या गर्भावस्था में होने से बार- बार गर्भ का नष्ट होना या अगर गर्भ ठहर भी जाता है तो होने वाला बच्चा जन्मजात दिव्यांग हो सकता है,जिसे Congenital Rubella Syndrome (CRS) कहते है। इन सबको ध्यान से रखते हुए भारत सरकार ने MR का उन्मूलन करने के लिए 31 दिसम्बर 2023 का लक्ष्य रखा है।





बीते साल 2022 में भारत में कुल 280 MR Outbreak पाये गये, जिसमें से झारखण्ड में कुल 120 MR Outbreak तथा सिर्फ दुमका जिले में कुल 23 Outbreak मिलें है। इन सबको ध्यान में रखते हुए दुमका जिले में MR टीकाकरण अभियान 12 अप्रैल 2023 से पांच सप्ताह तक अयोजित किया जा रहा है। दुमका जिला का कुल लक्ष्य लगभग 474118 बच्चे हैं। सभी सरकारी,गैर सरकारी,निजी विद्यालयों, जिला अस्पताल, पीएचसी, सीएचसी, सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर एवं चलन्त टीकाकरण सत्र पर टीका दिया जाएगा। पहले एवं दूसरे सप्ताह विद्यालय में, तीसरे एवं चौथे सप्ताह आंगनबाड़ी केंद्रों में एवं पांचवे सप्ताह में सभी 9 माह से 15 वर्ष के बच्चों को जो टीकाकरण से किसी कारण छूटे गए हैं उनका टीकाकरण किया जाएगा।





उन्होंने कहा कि इसका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार हो ताकि लोग जागरूक हो और इसका लाभ ले सके। इस अभियान की जानकारी घर घर तक मिले। इसके लिए स्थानीय भाषा में भी प्रचार प्रसार किया जाए।जिला प्रशासन का प्रयास है कि हर एक बच्चे का टीकाकरण सही समय पर हो।मौके पर सिविल सर्जन डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह सहित इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।